बुधवार, 09 अगस्त, 2006 को 03:20 GMT तक के समाचार
आशुतोष चतुर्वेदी
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारत के सभी अख़बारों में पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेसी नेता नटवर सिंह के पार्टी से निलंबन का मामला छाया हुआ है.
नवभारत टाइम्स का शीर्षक है- कांग्रेस में नटवर के दिन हुए पूरे. अख़बार लिखता है कि कांग्रेस नटवर सिंह के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई करने जा रही है और इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है.
अमर उजाला का शीर्षक है- नटवर को बगावत की सज़ा, निलंबित. अख़बार लिखता है कि आख़िर वही हुआ जिसकी उम्मीद थी. कांग्रेस के ख़िलाफ़ आग उगलना पूर्व विदेश मंत्री को महंगा पड़ा.
हिंदुस्तान ने छोटा सा शीर्षक लगाया है-नटवर निलंबित. समाचारपत्र के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ मोर्चा खोले पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह को आख़िरकार कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया.
अंग्रेज़ी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस की हैडिंग है-निलंबित नटवर गरजे और बरसे.
अख़बार के मुताबिक जब उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की तैयारी चल रही थी, तब नटवर सिंह समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के साथ अमरीका के साथ हुई परमाणु सहमति पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की रात्रि भोज पर चर्चा कर रहे थे.
दैनिक जागरण लिखता है कि कांग्रेस ने नटवर सिंह को निलंबित करके पूछा है कि क्यों न उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाए.
पंजाब केसरी का कहना है कि पूर्व विदेश मंत्री का भविष्य का फ़ैसला उस समय ही तय हो गया था जब उन्होंने अपनी ही पार्टी के ख़िलाफ़ दो दिन पहले बगावत का बिगुल बजा दिया था.
अंग्रेज़ी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स की हेडिंग है- कांग्रेस ने पद के दुरुपयोग के लिए नटवर सिंह को निलंबित किया.
अख़बार लिखता है कि निलंबन का मतलब है कि नटवर सिंह की राज्यसभा सदस्यता बनी रहेगी और वो असंबद्ध सदस्य हो जाएंगे.
राष्ट्रीय सहारा का शीर्षक है- नटवर को झटका, कांग्रेस से निलंबित, कारण बताओ नोटिस जारी. अख़बार के अनुसार अब उनके बेटे जगत सिंह को भी घेरने की तैयारी चल रही है.