बुधवार, 09 अगस्त, 2006 को 22:55 GMT तक के समाचार
मुंबई में 1993 में हुए बम धमाकों के 13 साल बाद टाडा अदालत गुरुवार से अपना फ़ैसला सुनाना शुरु कर रही है जिसमें फ़िल्म स्टार संजय दत्त समेत 123 अभियुक्तों का भविष्य तय होगा.
यह भारतीय क़ानूनी इतिहास के अत्यंत पेचीदा और लंबे मामलों में से एक माना जाता है.
इस मामले में एक दशक से अधिक समय तक सुनवाई चली और हाल में टाडा न्यायाधीश पीडी कोडे ने 10 अगस्त की तारीख़ अपना फ़ैसला सुनाने के लिए तय की.
मुंबई में 12 मार्च, 1993 को सिलसिलेवार रूप से हुए 12 बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे.
इन धमाकों से लगभग 27 करोड़ से अधिक राशि की संपत्ति नष्ट हुई थी.
इस मामले में विशेष अदालत में 686 गवाह पेश हुए और क़रीब दस हज़ार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई.
इस मामले में अदालत के फ़ैसले का इंतज़ार न केवल अभियुक्तों को है बल्कि मामले की जांच करने वाली विशेष टास्क फोर्स, सीबीआई और मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को भी है.
जानकारों का मानना है कि न्यायाधीश को फ़ैसला सुनाने में हफ़्तों लग सकते हैं क्योंकि प्रत्येक अभियुक्त की इस पूरे मामले में भूमिका तय करनी होगी और फिर सज़ा सुनाई जाएगी.
अभियुक्तों की बड़ी संख्या
इस मामले के 123 अभियुक्तों में से 94 जमानत पर हैं जिनमें संजय दत्त भी शामिल हैं. 29 अभियुक्त जेल में हैं. इसके अलावा 11 अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई है.
इसी मामले से जुड़े तीन अभियुक्त अबू सलेम, रियाज़ सिद्दीकी और मोहम्मद दौसा की सुनवाई को अलग कर दिया है क्योंकि इनकी गिरफ़्तारी बहुत बाद में हुई थी.
समाजवादी पार्टी के सांसद अबू आज़मी और अमज़द मेहर बख्श को जहां सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बरी कर दिया है वहीं एक अन्य अभियुक्त जमानत पर निकलने के बाद फ़रार हो गया.
इसके अलावा मामले के 29 अभियुक्त अभी भी फ़रार बताए जाते हैं जिनमें इस पूरी घटना को कथित रुप से अंजाम देने वाले दाऊद इब्राहिम, अनीश इब्राहिम और टाइगर मेमन शामिल हैं जो कभी पकड़े नहीं गए.
सीबीआई के अनुसार मुंबई धमाकों को पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई की मदद से दाऊद इब्राहिम ने अंजाम दिया था.
आरोपपत्र के अनुसार सिलसिलेवार धमाकों के अलावा 12 मार्च को मुंबई के हिंदू बहुल इलाक़ों में हथगोले भी फेंके गए थे जिसके बाद हुए दंगों में कई और जानें गईं थीं.
दाऊद अमरीका द्वारा जारी आतंकवादियों की सूची में है और इंटरपोल को भी उसकी तलाश है.
मामले के एक अन्य अभियुक्त संजय दत्त अपने घर पर एके 56 राइफ़ल रखने के आरोप में 18 महीने जेल में काट चुके हैं और फिलहाल जमानत पर हैं.
इन धमाकों में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ संजय दत्त के परिवार को भी इस फ़ैसले का बेसब्री से इंतज़ार है.