बुधवार, 09 अगस्त, 2006 को 11:02 GMT तक के समाचार
भारत के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति बदतर होती जा रही है. भारी बारिश और ऊंची समुद्री लहरों के कारण गुजरात के कई ऊर्जा संयंत्रों को बंद करना पड़ा है.
गुजरात का सूरत शहर बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है जो हीरा कारोबार के लिए विख्यात है.
शहर का 80 फ़ीसदी हिस्सा जलमग्न है. तेज़ बहाव में सड़कें टूट जाने के करण छह हेलीकॉप्टरों और 70 नौकाओं की मदद से राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं.
इस काम में सेना, नौसेना और वायुसेना की मदद ली जा रही है.
रेल पटरियों को हुए नुक़सान के कारण गुजरात और मुंबई के बीच रेलसेवा भी बाधित हुई है.
इस बीच मंगलवार सुबह हज़ीरा स्थित तेल और प्राकृतिक गैस निगम यानी ओएनजीसी के गैस प्लांट में पानी घुस जाने से इसे बंद करना पड़ा.
ओएनजीसी के चेयरमैन आरएस शर्मा ने समाचार एजेंसी रायटर्स को बताया, "जलस्तर अभी कम नहीं हुआ है. संचार के सभी साधन टूट गए हैं. हम जितनी ज़ल्दी हो सके प्लांट दोबारा चालू करने की कोशिश कर रहे हैं."
जानकारों के मुताबिक यह प्लांट पूरे देश की ज़रुरतों के दो तिहाई प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करता है.
ओएनजीसी के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के कई पैट्रोरासायन संयंत्रों को भी बंद करना पड़ा है.
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है. अब तक बाढ़ के कारण ज़मीन धंसने और अन्य दुर्घटनाओं में 69 लोग मारे गए हैं.
बाढ़ के पानी से घिरे लगभग एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है.
बाढ़ से संपत्तियों और फ़सलों को हुए नुक़सान का जायज़ा लिया जा रहा है.
मुंबई महानगर में बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि इस साल बेहतर तैयारियों की वजह से ज़्यादा नुक़सान नहीं हुआ है.
ग़ौरतलब है कि पिछले वर्ष मुंबई में बारिश ने भारी तबाही मचाई थी जिसमें 600 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के कई इलाक़ों में बारिश लगातार हो रही है. हालाँकि बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित छह ज़िलों में नर्मदा नदी का जलस्तर गिरने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है.
राज्य के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को बरवानी ज़िले में हुए नुक़सान की कोई सूचना नहीं मिल सकी है.
बाढ़ के कारण इस ज़िले का शेष राज्य से संपर्क पूरी तरह कट गया है.
इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित इलाक़ों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद कहा कि वास्तविक नुक़सान का पता पानी घटने के बाद ही चल पाएगा.
अधिकारियों के मुताबिक अब तक बाढ़ के कारण 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हिसाब से अगले चौबीस घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के उज्जैन और इंदौर संभाग में भारी बारिश होने की संभावना है.
आंध्रप्रदेश
आँध्रप्रदेश में पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी ज़िलों में बाढ़ से सबसे अधिक नुक़सान हुआ है.
कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गंधी ने बुधवार को इन दोनों ज़िलों का दौरा किया. इसके बाद वो खम्माम ज़िले के लिए रवाना हो गईं जहां उनका बाढ़पीड़ितों से मिलने का कार्यक्रम है.
अधिकारियों के मुताबिक राज्य में बाढ़ के कारण अब तक 100 से ज़्यादा लोगों की जानें गई हैं और 10 लाख हेक्टेयर ज़मीन पर लगी फ़सल चौपट हो गई है.