मंगलवार, 08 अगस्त, 2006 को 18:36 GMT तक के समाचार
कांग्रेस ने पूर्व विदेश मंत्री और राज्य सभा सदस्य नटवर सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ख़िलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन संबंधी नोटिस दिए जाने के बाद से ही नटवर सिंह के ख़िलाफ़ पार्टी की ओर से कार्रवाई अवश्यंभावी लग रही थी.
पार्टी की अनुशासन समिति की एके एंटनी की अध्यक्षता में मंगलवार की देर रात बैठक हुई जिसमें नटवर सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया.
साथ ही नटवर सिंह को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि उन्हें क्यों नहीं पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए.
पार्टी नेता प्रणव मुखर्जी ने साफ़ किया कि जब तक कारण बताओ नोटिस नटवर सिंह को नहीं मिल जाता तब तक यह नोटिस मीडिया को नहीं दिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि नटवर सिंह पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने संबंधी अंदलीब सहगल को तेल के बदले अनाज कार्यक्रम से जुड़े अनुबंध दिलवाने का आरोप है.
नटवर सिंह को जवाब देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया है.
विवाद
इराक़ में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में नटवर सिंह का नाम आने के बाद से उनके और पार्टी के बीच मतभेद बढ़ने लगे थे.
इराक में संयुक्त राष्ट्र के तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में भ्रष्टाचार के संबंध में वोल्कर रिपोर्ट पिछले वर्ष अक्तूबर में आई थी जिसमें कांग्रेस पार्टी और नटवर सिंह पर फ़ायदा उठाने का आरोप लगा था.
इसके बाद नटवर सिंह को मंत्रिमंडल से हटाया दिया गया था और बाद में उन्होंने मंत्रिपद से भी इस्तीफ़ा दे दिया था.
दिसंबर महीने में जब उन्हें पार्टी की कार्यसमिति से हटाया गया तो साफ़ हो गया कि पार्टी उनसे किनारा करने लगी है.
वोल्कर मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए भारत में जस्टिस पाठक की अध्यक्षता में समिति बनी जिसने पिछले हफ्ते अपनी रिपोर्ट दी थी.
इसमें कहा गया था कि नटवर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग किया है. यह रिपोर्ट संसद में पेश होने से पहले ही मीडिया को लीक हो गई और विवाद बढ़ गया.
नटवर सिंह ने बागी तेवर अपना लिए और प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे दिया.
नटवर सिंह के इस क़दम के बाद पार्टी नेताओं की ओर संकेत मिल रहे थे कि पार्टी जल्द ही नटवर सिंह के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी.