सोमवार, 07 अगस्त, 2006 को 07:51 GMT तक के समाचार
पाठक समिति की रिपोर्ट लीक हो जाने के बाद बढ़ते विवाद को देखते हुए केंद्र की यूपीए सरकार ने इस रिपोर्ट को सोमवार को संसद में पेश कर दिया है.
इसके साथ ही सरकार ने कार्रवाई रिपोर्ट यानी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भी पेश कर दी है.
इससे पहले सोमवार की सुबह मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें ये फ़ैसला लिया गया.
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पाठक समिति की रिपोर्ट में कथित रुप से पद के दुरुपयोग के दोषी ठहराए गए नटवर सिंह ने अपनी ही पार्टी के प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे दिया है.
ऐसा ही एक नोटिस एनडीए की ओर से भी दिया गया है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और समाजवादी पार्टी सहित कई पार्टियों ने नटवर सिंह के नोटिस को समर्थन देने का निर्णय किया है.
इस घटनाक्रम से नाराज़ कांग्रेस ने नटवर सिंह के कदम को अनुशासनहीनता कहा है और संकेत दे दिए हैं कि इसकी वजह से वो कांग्रेस से निकाले जा सकते हैं.
विशेषाधिकार हनन
इराक़ के तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में हुए घोटाले की जाँच कर रही वोल्कर समिति ने लाभ उठाए जाने वालों में कांग्रेस पार्टी और नटवर सिंह का नाम लिया था.
इस पर जब संसद में हंगामा हुआ तो सरकार ने इसकी जाँच के लिए एक सदस्यीय समिति बना दी और सेवानिवृत न्यायमूर्ति आरएस पाठक को जाँच की ज़िम्मेदारी सौंप दी थी.
पाठक समिति की रिपोर्ट लीक होने के मामले को लेकर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नटवर सिंह ने प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे दिया.
ऐसा शायद पहली बार ही हो रहा है कि कांग्रेस के किसी सदस्य ने अपनी ही पार्टी के प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया हो.
नटवर सिंह के इस क़दम का भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) महासचिव एबी बर्धन ने समर्थन किया है.
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह, जनता दल यू नेता जॉर्ज फ़र्नांडिस और तेलुगूदेशम पार्टी के नेताओं ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन देने की बात कही है.
कांग्रेस पार्टी की ओर से कहा गया है कि नटवर सिंह एक वरिष्ठ नेता हैं लेकिन जो कुछ वे कर रहे हैं वह अनुशासनहीनता के दायरे में आता है.