सोमवार, 07 अगस्त, 2006 को 15:08 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान ने कहा है कि हाल में भारत और पाकिस्तान के राजनयिकों के निष्कासन का दोनो देशों के बीच फ़िलहाल थमी शांति प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है.
शनिवार को पाकिस्तान ने एक भारतीय राजनयिक पर जासूसी का आरोप लगाते हुए उसे निष्कासित करने का आदेश दिया था.
उधर भारतीय राजनयिक दीपक कौल सोमवार शाम भारतीय पंजाब में वाघा सीमा चौकी से होते हुए भारत लौट आए.
शनिवार को पाकिस्तानी कार्रवाई के बाद, भारत ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में काउंसलर का काम कर रहे एक पाकिस्तानी राजनयिक को निष्कासित कर दिया था.
दोनो देशों के एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित करने के फ़ैसले से जनवरी 2004 में शुरु हुई शांति प्रक्रिया के भविष्य के बारे में चिंता जताई जाने लगी थी.
बीबीसी के इस्लामाबाद संवाददाता ज़फ़र अब्बास के अनुसार दोनो देश समझ-बूझकर प्रयास कर रहे हैं कि हाल में उठाए इन कदमों का बुरा प्रभाव न हो.
इस बारे में एक संवाददाता सम्मेलन में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तस्नीम असलम ने उम्मीद जताई कि दोनो देश जल्द ही शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाएँगे.
उन्होंने ये मानने से इनकार किया कि हाल की कार्रवाई से रिश्ते और बिगड़ेंगे.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान में स्पष्ट कहा गया है कि 'आतंकवादी' घटनाओं से शांति वार्ता पर असर नहीं पड़ने दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि उन्होंने फ़िलहाल भारतीय नेताओं की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं देखा है जिससे संकेत मिले ताज़ा घटनाक्रम से शांति वार्ता पर कोई असर पड़ेगा.