सोमवार, 07 अगस्त, 2006 को 09:37 GMT तक के समाचार
नेपाल में माओवादियों के दूसरे नंबर के नेता बाबूराम भट्टाराई ने कहा है कि सरकार के साथ उनकी बातचीत टूटने के कगार पर है.
बाबूराम भट्टाराई ने काठमांडू में व्यापारियों की एक बैठक में कहा है कि नेपाल की अंतरिम सरकार ने 'कई समझौतों का उल्लंघन किया है' जिसके चलते बातचीत में गतिरोध पैदा हो गया है.
माओवादियों ने संघर्षविराम की समयसीमा बढ़ा दी है लेकिन साथ ही नेपाल सरकार से बातचीत में प्रगति करने को कहा है.
बाबूराम भट्टाराई ने कहा कि अगर बातचीत विफल रहती है तो माओवादी अपना 'संघर्ष' जारी रखेंगे.
इस साल अप्रैल में नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र की सत्ता पर सीधी पकड़ ख़त्म हो गई थी और संसद को फिर से बहाल कर दिया गया था. इसके बाद माओवादियों ने संघर्षविराम की घोषणा की थी.
जून में माओवादियों और नेपाल की सात राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन के बीच सत्ता में भागीदारी को लेकर समझौता भी हुआ था.
लेकिन माओवादियों के निशस्त्रीकरण में संयुक्त राष्ट्र की भागीदारी की नेपाल सरकार की योजना को लेकर सरकार और विद्रोहियों में मतभेद हैं.
राजशाही के भविष्य को लेकर भी दोनों पक्षों में मतभेद है. विद्रोहियों को उम्मीद है कि चुनाव के बाद राजशाही के अंत का रास्ता साफ़ हो जाएगा लेकिन नेपाल के प्रधानमंत्री ने इस बात से इनकार किया है.
माओवादी नेता बाबूराम भट्टाराई ने नेपाल सरकार पर आरोप लगाया कि दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते से अब वो अपने हाथ खींच रही है और नेपाल नरेश को बचाने की कोशिश कर रही है.
उनका कहना था," हम नेपाल के प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला को आगाह करते हैं कि अगर सरकार ने नेपाल नरेश को बचाने की कोशिश जारी रखी तो हमें मजबूर होकर पीछे हटना पड़ेगा."
संसद बहाल होने के बाद से नेपाल का राजनीतिक परिदृश्य काफ़ी बदला है. विपक्षी पार्टियाँ सरकार में शामिल हो चुकी हैं. नेपाल सरकार ने जेल से कई विद्रोहियों को रिहा किया है और उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों को वापस ले लिया है.
करीब 10 साल तक चले माओवादी संघर्ष में नेपाल में करीब 13 हज़ार लोगों की जान गई है.