रविवार, 06 अगस्त, 2006 को 12:05 GMT तक के समाचार
अभिषेक प्रभात
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
पाठक समिति की रिपोर्ट लीक होने के मामले को लेकर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नटवर सिंह ने प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे दिया है.
भारत की कुछ समाचार एजेंसियों को राज्यसभा सचिवालय की ओर से ऐसा प्रस्ताव भेजे जाने की पुष्टि कर दी गई है.
कांग्रेस पार्टी की ओर से कहा गया है कि नटवर सिंह एक वरिष्ठ नेता हैं लेकिन जो कुछ वे कर रहे हैं वह अनुशासनहीनता के दायरे में आता है.
मुख्यविपक्षी दल भाजपा ने पाठक समिति की रिपोर्ट लीक होने के मामले में प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ अलग से विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की तैयारी कर रही है.
उधर समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने कहा है कि उनकी पार्टी के साथ तेलुगूदेशम पार्टी और एआईएडीएमके के सांसद भी पाठक समिति की रिपोर्ट लीक होने के मामले पर प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव ला सकते हैं.
हालांकि नटवर सिंह ने इस बारे में रविवार को कुछ भी नहीं बताया है और माना जा रहा है कि वे अपने पत्ते सोमवार को सदन में ही खोलेंगे.
माना जा रहा है कि ये सभी दल नटवर सिंह की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव का ही समर्थन करेंगे.
इस विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर सोमवार को कोई फ़ैसला होने की संभावना है. सोमवार को ही सदन में वोल्कर मामले में की गई जाँच पर सरकार की ओर से कार्रवाई रिपोर्ट भी पेश की जानी है.
'विशेषाधिकार हनन'
रविवार को सपा नेता अमर सिंह ने कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह से मुलाक़ात की और उसके बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बात कही.
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि इन राजनीतिक दलों के 30 से भी अधिक सांसद उनके इस प्रस्ताव के समर्थन में सामने आएँगे.
यह प्रस्ताव लाने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि वोल्कर रिपोर्ट के बाद उठे सवालों पर जाँच के लिए गठित पाठक समिति की रिपोर्ट केवल प्रधानमंत्री को भेजी गई थी पर प्रधानमंत्री के पास से यह रिपोर्ट लीक हुई और रिपोर्ट में कही गई बातें मीडिया तक समय से पहले ही पहुँच गईं.
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट का लीक होना चिंताजनक है और अगर उनके कार्यालय से भी यह रिपोर्ट लीक हुई है तो प्रधानमंत्री को इसकी ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेनी होगी.
वैसे प्रधानमंत्री कार्यालय और जस्टिस पाठक ने रिपोर्ट लीक होने में किसी भी भूमिका से इंकार कर दिया है और संसदीय कार्यमंत्री प्रियरंजन दासमुंशी इस लीक की जाँच करवाने की घोषणा कर चुके हैं.
माना जा रहा है कि सोमवार को पेश की जाने वाली कार्रवाई रिपोर्ट ही कांग्रेस पार्टी और नटवर सिंह के बीच संबंधों का भविष्य तय करेगी.