रविवार, 06 अगस्त, 2006 को 08:16 GMT तक के समाचार
भोजपुरी को अब इंटरनेट की दुनिया में भी पहचान मिल रही है. बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से शुरु होकर मॉरिशस, फ़िजी और कैरीबियाई देशों में भी भोजपुरी बोली जाती है.
इसे ध्यान में रखते हुए 'डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन' ने भोजपुरिया डॉट कॉम नामक वेबसाइट को 'ई-कल्चर' श्रेणी में पहला पुरस्कार दिया है.
ये पुरस्कार नई तकनीक के जरिए भाषाई सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने के लिए दिया जाता है.
इसके साथ ही भोजपुरिया डॉट कॉम अब इस श्रेणी में विश्व स्तर पर पुरस्कार की हक़दार बनने की होड़ में शामिल हो गई है.
ये पुरस्कार 'वर्ल्ड समिट एवार्ड' की तरफ़ से जेनेवा में दिया जाएगा.
गाँव से वेब तक
भोजपुरिया डॉट कॉम के प्रधान संपादक शशि सिंह का कहना है कि शुरु होने के एक साल के भीतर ही इस वेबसाइट ने ये मुकाम हासिल किया है.
वो कहते हैं, "हमनें इस वेबसाइट में भोजपुरी समाज के सभी पहलुओं, चाहें खानपान हो या लोकाचार, सबको समाहित करने की कोशिश की है. इसे पसंद भी किया जा रहा है."
शशि सिंह बताते हैं कि वे भोजपुरी में लिखने वाले साहित्यकारों को भी वेबसाइट से जोड़ रहे हैं जिससे इस बोली को प्रमुखता दिलाने में मदद मिलेगी.
उनका कहना है कि पहले भोजपुरी बोलने का मतलब गंवई समझा जाता था लेकिन अब ये भ्रांति ख़त्म हो चुकी है क्योंकि यह बोली बोलने वाले लोग हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भोजपुरी फ़िल्मों की लोकप्रियता खासी बढ़ी है और इससे इस बोली का कद बढ़ा है.
भोजपुरिया डॉटकॉम पर भोजपुरी फिल्मों से जुड़ी ख़बरों को ख़ास जगह दी गई है.
दरअसल भोजपुरी कलाकारों की भी माँग थी कि इस तरह का कोई वेबसाइट बनाया जाए.