शनिवार, 05 अगस्त, 2006 को 22:17 GMT तक के समाचार
एक ओर देश भर में शीतल पेयों में कीटनाशक की मात्रा को लेकर विवाद चल रहा है और दूसरी ओर कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि कीटनाशक की मात्रा तो नारियल के पानी और माँ के दूध में भी होती है.
उनका कहना था कि मुद्दा कीटनाशक की मौजूदगी की मात्रा का है और इसके अंश स्वीकृत मात्रा से ज़्यादा नहीं होने चाहिए.
शरद पवार उस संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष थे जिसने इस मामले की जाँच की थी और अपनी रिपोर्ट सरकार को दी थी.
उल्लेखनीय है कि दिल्ली की एक ग़ैरसरकारी संस्था विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (सीएसई) ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शीतल पेयों में ज़हरीले कीटनाशकों की मात्रा बहुत अधिक है.
इस संस्था ने तीन साल पहले भी अपनी रिपोर्ट में यही कहा था लेकिन अब संस्था का कहना है कि शीतल पेयों में कीटनाशक की मात्रा पहले से भी अधिक है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार मुंबई में एक पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे शरद पवार से जब शीतल पेयों पर प्रतिबंध की माँग पर सवाल पूछे गए तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.
शरद पवार ने कहा है कि ये संबंधित मंत्रालय पर निर्भर करता है वह संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई करे.
समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार पवार ने कहा, "यह तो विशेषज्ञों पर है कि वे जल्दी से जल्दी यह तय करें कि कीटनाशकों की कितनी मात्रा की अनुमति होनी चाहिए."
ऐसे समय में जब सीएसई की रिपोर्ट आने के बाद से शीतल पेयों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं और जगह-जगह से शीतल पेयों पर रोक लगाए जाने की ख़बरें आ रही हैं, शरद पवार के इस बयान पर कई विश्लेषकों को आश्चर्य हुआ है.