शुक्रवार, 04 अगस्त, 2006 को 16:17 GMT तक के समाचार
भारत के कोयला मंत्री शिबू सोरेन ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि वे झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित उस कोयला खदान को देखने जाएँगे जिसमें बुधवार की रात से ही 100 से ज़्यादा लोग फँसे हुए हैं.
पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रहीं हैं. कई बार बचाव कार्य शुरू करने की कोशिश की गई लेकिन बारिश के कारण उसे रोक देना पड़ा.
कुछ साल पहले ही इस कोयला खदान को बंद कर दिया गया था. जिस स्थान पर ये खदान है वहाँ दामोदर और बराकर नदियाँ मिलती हैं. भारी बारिश के कारण इस खदान में भी पानी भर गया था.
कोयला मंत्री शिबू सोरेन ने कोयला माफ़िया के ख़िलाफ़ कार्रवाई की बात की. उन्होंने कहा, "ये खदान बंद पड़ा था. कोयला माफ़िया मज़दूरों की सहायता से यहाँ से कोयले की चोरी करते हैं. हम ये चोरी रोकने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं."
उन्होंने झारखंड और पश्चिम बंगाल की सरकार से अपील की कि वे राहत कार्य से पल्ला न झाड़ें.
धनबाद से पत्रकार सलमान रावी ने बताया है कि पुरुलिया और बर्दवान के बीच स्थित इस खदान में खनन का काम 1970 में ही बंद किया जा चुका था लेकिन फिर भी लोग वहाँ अवैध रूप से खनन करते रहते हैं.
आधिकारिक रूप से ये नहीं बताया जा सका है कि कितने लोग उस खदान में काम कर रहे थे.
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे से ठीक पहले खदान से लौटे एक व्यक्ति के मुताबिक़ खदान में 100 से ज़्यादा लोग काम कर रहे थे.