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गुरुवार, 03 अगस्त, 2006 को 16:34 GMT तक के समाचार

नटवर पर पाठक समिति की रिपोर्ट

इराक़ में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम के तहत कंपनियों को ठेके दिलाने और कथित तौर पर लाभ लेने के मामले में पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह की भूमिका की जाँच कर रही आरएस पाठक समिति ने रिपोर्ट सौंप दी है.

ग़ौरतलब है कि इराक़ में सद्दाम हुसैन के कार्यकाल में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में हुए घपलों की जाँच करने वाले पॉल वोल्कर ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि भारत की कॉंग्रेस पार्टी, इसके नेता नटवर सिंह और उनके बेटे जगत सिंह ने पैरवीकार के रुप में इस कार्यक्रम से फायदा उठाया था.

वोल्कर की रिपोर्ट आने के बाद भारत में विपक्षी दलों ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था और आख़िरकार नटवर सिंह को विदेश मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

उसी समय केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जाँच के लिए न्यायमूर्ति पाठक की अध्यक्षता में एकसदस्यीय समिति का गठन किया था.

इस रिपोर्ट पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में नटवर सिंह ने कहा है कि वे और उनके बेटे निर्दोष साबित हुए हैं.

'भूमिका थी'

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस पाठक की अध्यक्षता वाली समिति की यह रिपोर्ट गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंपी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पाठक समिति ने अपनी 110 पेज की रिपोर्ट में कहा है कि तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में नटवर सिंह और उनके बेटे की भूमिका थी.

समाचार एजेंसी का कहना है कि रिपोर्ट में कहा गया है कि पैसे मिलने की बात का पता नहीं चल सका और कांग्रेस पार्टी को पाठक समिति ने क्लीन चिट दे दी है.

हालांकि पाठक समिति की रिपोर्ट के हवाले से भारत के टेलीविज़न चैनलों में काफ़ी कुछ कहा जा रहा है लेकिन अभी इस बात की कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिल पाई है कि रिपोर्ट में वास्तव में क्या कहा गया है.

कांग्रेस ने कहा है कि वह अपनी प्रतिक्रिया रिपोर्ट पढ़ लेने के बाद ही देगी. हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कांग्रेस को क्लीन चिट दिए जाने का स्वागत किया है.

प्रतिक्रिया

इस रिपोर्ट पर नटवर सिंह ने पत्रकारों से कहा, "मैं और मेरा बेटा निर्दोष साबित हुए हैं."

उन्होंने कहा कि यह कहना ग़लत है कि उन्होंने और उनके बेटे से प्रभाव का दुरुपयोग किया क्योंकि न तो वे उस समय सांसद थे न मंत्री और न उनके बेटे जगत सिंह विधायक थे.

उनका कहना था कि यह कैसे हो सकता है कि कांग्रेस दोषमुक्त हो जाए और उन्हें दोषी ठङराया जाए.

उन्होंने इसके बाद कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा कि वे शुक्रवार को ही इस पर कुछ कहेंगे.

हालांकि नटवर सिंह के वकील प्रदीप राय ने इस रिपोर्ट के बारे में बीबीसी से बात की और कहा कि अभी उन्होंने रिपोर्ट नहीं देखी लेकिन जितनी ख़बरें आ रही हैं उससे साबित होता है कि नटवर सिंह सच कह रहे थे.

प्रदीप राय ने रिपोर्ट लीक किए जाने पर सवाल उठाए फिर कहा कि इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि नटवर सिंह ने पैसे लिए.

उनका कहना था, "रिपोर्ट में कहा गया है कि नटवर सिंह ने पत्र लिखे, तो पत्र तो राजनीतिज्ञ लिखते ही रहते हैं. जब नटवर सिंह ने पत्र लिखे तो न वे सांसद थे न पार्टी सरकार में थे."

नटवर सिंह के वकील राय का कहना है, "नटवर सिंह जी ने पत्र लिखा होगा लेकिन पत्र लिखकर वे कोई लाभ तो नहीं लेना चाहते थे."

उधर कांग्रेस ने कहा है कि वे इस रिपोर्ट से ख़ुश हैं कि इससे साफ़ हो गया है कि इसमें कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं था.

'मामला सीबीआई को दें'

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि उन्हें पहले ही शंका थी कि ऐसा होगा क्योंकि पाठक समिति को पूरी जाँच के अधिकार ही नहीं दिए गए थे.

भाजपा के प्रवक्ता और लोकसभा में उपनेता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि समिति ने नटवर सिंह को दोषी पाया है लेकिन कहा है कि पैसे के लेन-देन के सबूत नहीं हैं.

उन्होंने कहा, "पैसों के सबूत इसलिए नहीं हैं क्योंकि पाठक समिति के पास इसकी जाँच के अधिकार ही नहीं थे."

भाजपा नेता ने कहा कि इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंप देना चाहिए जिससे पता चल सके कि इस मामले से किस-किसको आर्थिक लाभ हुआ.

उनका कहना है कि भाजपा पहले से ही कहती आ रही है कि नटवर सिंह को बली का बकरा बनाकर कांग्रेस पार्टी को बचाया जा रहा है.

संभावना है कि इस मामले को लेकर शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दल एक बार फिर ज़ोरदार हंगामा करेंगे.