ज्योत्सना सिंह
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने प्रमुख पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता असमा जहाँगीर से उनकी दिल्ली यात्रा के दौरान उन्हें हुई असुविधा के लिए माफ़ी मांगी है.
असमा जहाँगीर गुरूवार को दिल्ली के दौरे पर थीं और दिल्ली पुलिस के एक दस्ते ने उनके होटल के कमरे में सुरक्षा तलाशी ली थी जिससे वह ख़ासी ख़फ़ा थीं.
असमा जहाँगीर दक्षिण एशिया में मानवाधिकारों पर हुए एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली आई थीं.
जिस होटल में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ठहरे हुए थे उन कमरों की सुरक्षा तलाशी ली गई थी. इस प्रतिनिधिमंडल में असमा जहाँगीर के अलावा दो अन्य सदस्य भी थे.
पुलिस के दस्ते ने तलाशी के दौरान ही उन दो सदस्यों से यह पूछना शुरू कर दिया कि वे कौन हैं और असमा जहाँगीर के कमरे में क्या कर रहे हैं. इस पर असमा जहाँगीर बहुत नाराज़ हो गईं.
हिंदू समाचार पत्र ने असमा जहाँगीर के हवाले से लिखा है, "उन्होंने मेरे बैग और अलमारी की तलाशी ली... उन्होंने बताया कि यह तलाशी 15 अगस्त की वजह ली जा रही है."
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रवक्ता संजय बारू ने बीबीसी को बताया कि असमा जहाँगीर के कमरे की तलाशी एक सामान्य सुरक्षा कार्रवाई थी क्योंकि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की वर्षगाँठ के मौक़े पर दिल्ली में उच्च स्तरीय सतर्कता बरती जा रही है.
संजय बारू ने कहा, "लेकिन प्रधानमंत्री ने असमा जहाँगीर को ख़ुद टेलीफ़ोन किया और सुरक्षा तलाशी की वजह से उन्हें जो भी परेशानी हुई उसके लिए माफ़ी मांगी."
संजय बारू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने असमा जहाँगीर को फिर से भारत की यात्रा पर आने का न्यौता भी दिया.
असमा जहाँगीर गुरूवार को ही पाकिस्तान लौट गईं.