बुधवार, 02 अगस्त, 2006 को 20:44 GMT तक के समाचार
सार्क देशों के विदेश मंत्री भारत और पाकिस्तान के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानि साफ़्टा के लागू करने संबंधी विवाद को टालने पर सहमत हो गए हैं.
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित सार्क विदेश मंत्रियों की बैठक में तय हुआ कि इस मामले को सार्क वाणिज्य मंत्रियों के फोरम के पास भेज दिया जाए.
दरअसल भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि वह दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार समझौते यानि साफ़्टा को लागू नहीं कर रहा है और उनसे भारतीय माल पर करों में कटौती नहीं की है.
भारत के विदेश राज्यमंत्री ई अहमद ने कहा कि पाकिस्तान सरकार साफ़्टा समझौते का पालन नहीं कर रही हैं.
भारतीय विदेश राज्यमंत्री का कहना था,'' चार साल की बातचीत के बाद इस पर सहमति हुई थी और पाकिस्तान का भारत के साथ अलग तरीके से पेश आना उचित नहीं है.''
पाकिस्तान की दलील
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी का कहना था कि भारत के साथ अलग तरह से पेश आने की वजह है.
उनका कहना था कि भारत का पाकिस्तान को निर्यात चार सौ प्रतिशत बढ़ा है लेकिन पाकिस्तान सामान को भारतीय बाज़ार में प्रवेश नहीं मिल पाया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री का कहना था कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर बातचीत को तैयार है.
लेकिन दो दिनों की बातचीत में इस मसले का कोई हल नहीं निकल पाया.
ग़ौरतलब है कि दक्षिण एशियाई देशों के बीच मुक्त व्यापार का समझौता इसी साल से प्रभावी हुआ है.
बांग्लादेश के विदेश मंत्री मुर्शीद ख़ान ने का कहना था कि दक्षिण एशियाई वाणिज्य मंत्रियों की अगली बैठक में इस मसले को सुलझाने की कोशिश की जाएगी और इसकी समीक्षा अगले साल भारत में होनेवाली बैठक में की जाएगी.
साथ ही इस बैठक में तय हुआ कि सार्क के आगामी सम्मेलनों में अमरीका, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ को पर्यवेक्षक के रूप में शामिल किया जाएगा.