रविवार, 30 जुलाई, 2006 को 12:34 GMT तक के समाचार
नेपाल की सेना ने कहा है कि पुलिस अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और उन्हें प्रताड़ित किए जाने के मामले में एक कैप्टन और कई सैनिकों को हिरासत में लिया गया है.
ये घटना ऐसे समय में हुई है जब नेपाल की सेना में अनुशासनहीनता के मामले बढ़ रहे हैं. रविवार को जारी एक बयान में नेपाल की सेना ने कहा है कि पाँच सदस्यीय जाँच समिति का गठन किया गया है.
इस जाँच समिति की अध्यक्षता मेजर जनरल यादव बहादुर राय माँझी करेंगे. सेना ने अपने बयान में कहा है कि इस मामले में कैप्टन रॉबिन बिक्रम राणा और अन्य सैनिकों को हिरासत में लिया गया है.
सेना ने कैप्टन को निलंबित भी कर दिया है. पुलिस अधिकारियों का आरोप है कि कैप्टन राणा और उनके एक मित्र ने गश्ती कर रहे पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया.
आरोप
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कैप्टन और उनके मित्र से सिर्फ़ इतना कहा था कि वे अपनी गाड़ी सही तरह से पार्क करें. ये घटना नेपाल की राजधानी काठमांडू के निकट एक पर्यटक स्थल थामेल में हुई.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ इस घटना के बाद कैप्टन राणा कई सैनिकों के पास स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुँचे और पूछताछ के लिए थाने में बुलाए गए अपने एक मित्र को छु़ड़ा लिया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बात यहीं तक नहीं रुकी. कैप्टन राणा ने एक इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिसवालों को जबरन एक सेना बटालियन में ले गए और क़रीब दो घंटे तक उन्हें प्रताड़ित किया.
रविवार को संसद सदस्यों ने इस मामले की जाँच की मांग की थी. सांसदों ने कहा था कि इस मामले में दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए.
इस बीच अधिकारियों ने बताया है कि लोकतंत्र समर्थक आंदोलन को दबाने के मामले में सेना प्रमुख जनरल प्यार जुंग थापा से पूछताछ टाल दी गई है. पूछताछ रविवार को होने वाली थी.
रक्षा मंत्रालय ने जाँच आयोग को सूचित किया था कि सेना प्रमुख पहले के तय कार्यक्रमों के तहत काठमांडू से बाहर हैं. इसलिए वे रविवार को पूछताछ के लिए मौजूद नहीं रह पाएँगे.