शुक्रवार, 28 जुलाई, 2006 को 10:03 GMT तक के समाचार
नेपाल में गत अप्रैल में हुए लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कथित ज़्यादतियों में सेना प्रमुख की भूमिका के बारे में एक उच्चस्तरीय दल उनसे पूछताछ करेगा.
यह उच्चस्तरीय दल जनरल प्यार जंग थापा से रविवार को पूछताछ करेगा.
गत अप्रैल में लोकतंत्र समर्थक और राजा विरोधी व्यापक प्रदर्शन हुए थे जिनके बाद संसद बहाल हुई थी और एक उच्चस्तरीय पैनल का गठन किया गया था.
उन प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी, लाठी चार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटनाओं में 21 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे.
यह उच्चस्तरीय पैनल लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों पर कथित ज़्यादतियों के सिलसिले में अगले सप्ताह सेना के दो वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ करेगा जिनमें एक रिटायर्ड मेजर जनरल भी हैं.
लैफ़्टिनेंट जनरल रुकमंगद कुतुवाल सेना के वरिष्ठ अधिकारी हैं. रिटायर्ड जनरल दीपक बिक्रम राणा प्रदर्शनों के समय काठमाँडू खाड़ी के प्रभारी थे.
नेपाल की शाही नेपाली सेना का नाम अब बदलकर नेपाल सेना कर दिया गया है. प्रदर्शनों के दौरान क़ानून और व्यवस्था की ज़िम्मेदारी के लिए सुरक्षा बलों की एक संयुक्त कमान का नेतृत्व नेपाल सेना को सौंपा गया था.
उन प्रदर्शनों ने हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए थे और कई सप्ताह तक चले उन प्रदर्शनों में लोकतंत्र की बहाली की मांग की गई थी.
प्रदर्शनों के बाद बहुदलीय सरकार का गठन किया गया था.