सोमवार, 24 जुलाई, 2006 को 08:07 GMT तक के समाचार
सदन में पहले दिन ही विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और लोक सभा कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी.
दूसरी ओर राज्यसभा की कार्यवाही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता वसंत चव्हाण के निधन के कारण स्थगित कर दी गई.
इसके पहले राज्यसभा ने मुंबई धमाकों और श्रीनगर ग्रेनेड हमलों में मारे गए लोगों की स्मृति में एक मिनट का मौन रखा.
इसके पहले एनडीए नेता राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम से मिलने गए और उनसे अनुरोध किया कि वो लाभ के पद के मामले में सुप्रीम कोर्ट की राय लें.
एनडीए नेताओं ने लोक सभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही अपने इरादे साफ़ कर दिए थे. उन्होंने चरमपंथ और महंगाई को लेकर सरकार पर आरोप लगाए और जमकर नारेबाज़ी की.
विपक्ष चाहता था कि प्रश्नकाल स्थगित करके इन मुद्दों पर चर्चा कराई जाए. भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा का कहना था कि लोग महँगाई को लेकर परेशान है और सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है.
लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का कहना था कि प्रश्नकाल के बाद वो चर्चा कराने को तैयार हैं. लेकिन विपक्षी सदस्य उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे.
वे नारे लगा रहे थे, '' जो सरकार महंगाई न रोक सके, जो सरकार आतंकवाद न रोक सके, वो सरकार निकम्मी है.’’
नारे लगाते हुए विपक्षी सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास आ गए. इसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी.
विधेयकों पर चर्चा
मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा होनी है जिसके दौरान बहस की संभावना बन सकती है.
कम से कम दो विधेयक तो ऐसे ज़रुर हैं. 'लाभ के पद' संबंधी विधेयक पर चर्चा होनी है जिसे राष्ट्रपति ने एक बार विचार के लिए वापस किया था.
लेकिन कैबिनेट ने इसे बिना किसी फेरबदल के वापस राष्ट्रपति को भेजने का फ़ैसला किया है.
दूसरा विधेयक उच्च शिक्षा संस्थानों में अन्य पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा है जिस पर पिछले कुछ दिनों में बड़ा आंदोलन हो चुका है .
लेकिन ऐसा लगता नहीं कि कोई भी दल इस विधेयक का विरोध करेगा.