दिल्ली में छात्रों ने प्रियदर्शिनी मट्टू हत्या मामले में नए सिरे से जाँच की माँग करते हुए एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया है.
क़ानून की छात्रा मट्टू की 10 साल पहले बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी.
उस समय प्रियदर्शिनी 23 साल की थीं.
हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त संतोष कुमार सिंह को 1999 में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पुत्र संतोष एक वकील हैं.
विरोध प्रदर्शन में सौ से ज़्यादा क़ानून के छात्रों ने भाग लिया.
छात्रों का कहना है कि जनदबाव बना कर प्रियदर्शिनी मट्टू हत्या मामले की जाँच नए सिरे से कराई जा सकेगी.
उल्लेखनीय है कि इसी साल जेसिका लाल हत्या कांड में अभियुक्तों को बरी किए जाने के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद मामले की फ़ाइल दोबारा खोली गई थी.
मट्टू मामले को दोबारा खोले जाने के लिए पहले ही एक याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है.
हाल के दिनों में भारत में विभिन्न आपराधिक मामलों में ऊँची पहुँच वाले अभियुक्तों के बरी हो जाने को देखते हुए क़ानून के प्रभावी होने पर सवाल उठने लगे हैं.