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रविवार, 23 जुलाई, 2006 को 13:03 GMT तक के समाचार

मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी नेता की मौत

आंध्र प्रदेश की पुलिस का कहना है कि एक मुठभेड़ में प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के राज्य समिति के प्रमुख मारे गए हैं.

रविवार को पुलिस और माओवादी विद्रोहियों के बीच मुठभेड़ में आठ माओवादी मारे गए जिनमें बु्र्रा चिन्नैया उर्फ़ माधव उर्फ़ माल्लना भी मारे गए, जो राज्य समिति के प्रमुख थे.

राज्य पुलिस के महानिदेशक स्वर्णजीत सेन ने इसकी पुष्टि की कि प्रकाशम ज़िले के नाल्लमल्ला इलाक़े में हुई मुठभेड़ में बुर्रा चिन्नैया मारे गए.

ऐसा पहली बार हुआ है कि आंध्र प्रदेश में माओवादियों के संगठन का राज्य प्रमुख मारा गया है. पिछले साल अक्तूबर में बुर्रा चिन्नैया उर्फ़ माधव ने राज्य समिति का सचिव बनाया गया था.

मुठभेड़ में बुर्रा चिन्नैया के अलावा गुंटुर ज़िला समिति के सचिव पी प्रकाश उर्फ़ जीवन और चार महिलाएँ भी मारी गई हैं. स वर्ष अब तक राज्य में नक्सली हिंसा में 80 माओवादी मारे गए हैं.

जंगल में हुई मुठभेड़

आंध्रप्रदेश के पुलिस महानिदेशक स्वर्णजीत सेन ने पत्रकारों को बताया कि मुठभेड़ प्रकाशम ज़िले के नाल्लमल्ला जंगल में हुई जहाँ माओवादियों की राज्य कमेटी की बैठक चल रही थी.

नक्सली हमलों से निपटने के लिए ख़ास तौर पर गठित कमांडो दस्ता 'ग्रेहाउंड्स' के जवानों ने जब विद्रोहियों को आत्मसमर्पण करने को कहा तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी.

कमांडो दस्ते ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें आठ माओवादी मारे गए. इनमें पाँच महिलाएँ भी शामिल हैं.

पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद से खोजी अभियान शुरु कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि कमांडो दस्ता पिछले दो दिनों से पूरे इलाक़े पर नज़र रखे हुए था.

पिछले दिनों नंदयाल से गिरफ़्तार किए गए कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि माओवादी जंगल में बैठक की योजना बना रहे हैं.

पुलिस ने मुठभेड़ वाली जगह से एक एके-47 राएफल, तीन 303 राएफल, तीन दोनाली बंदूक और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया है.

डीजीपी स्वर्णजीत सेन ने कहा, "माओवादियों को हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर राजनीति की मुख्यधारा में शामिल हो जाना चाहिए."

आंध्रप्रदेश में नक्सली गतिविधियों का इतिहास 35 वर्ष से भी अधिक पुराना है और अब तक नक्सली हिंसा में लगभग 6500 लोग मारे गए हैं.