शनिवार, 22 जुलाई, 2006 को 16:57 GMT तक के समाचार
वामपंथी दलों ने माँग उठाई है कि सभी अंतरराष्ट्रीय संधियों की पुष्टि भारतीय संसद में होनी चाहिए और संसद वो मानक भी तय करे जिनके आधार पर भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर आगे बढ़ा जा सकता है.
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) और वामदलों की समन्वय समिति की बैठक के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश कारत ने पत्रकारों को ये बताया.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में वामदलों ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर अमरीकी संसदीय समितियों में हुई चर्चा पर चिंता जताते हुए कहा कि ये भारत की 'स्वतंत्र परमाणु तकनीक के विकास से मेल नहीं खाता.'
प्रकाश कारत ने परमाणु समझौते के संदर्भ में हर वर्ष अमरीकी संसद के भारत को 'रिपोर्ट कार्ड' जारी करने के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को बताया दिया गया है वामदल ये मुद्दा संसद में उठाएँगे.
लेबनान पर इसराइली हमलों के संदर्भ में उनका कहना था कि भारत को दोनो पक्षों से अपील करने से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने चाहिए.
उन्होंने माँग उठाई कि भारत को इसराइल से हथियारों की ख़रीद स्थगित कर देनी चाहिए.
समन्वय समिति की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गाँधी, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, वित्त मंत्री और वाम दलों के कई नेताओं ने भाग लिया.