शुक्रवार, 21 जुलाई, 2006 को 14:10 GMT तक के समाचार
भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने मुंबई बम धमाकों की जाँच में मदद की जो पेशकश की है, उससे भारत सरकार को इस मामले में संतुष्टि नहीं हुई है.
भारत का आरोप है कि मुंबई में रेलगाड़ियों में सिलसिलेवार बम धमाकों के लिए पाकिस्तान की ज़मीन पर सक्रिय चरमपंथी गुट ज़िम्मेदार हैं.
पाकिस्तान ने भारत के इन आरोपों को निराधार बताते हुए ख़ारिज कर दिया था.
ग्यारह जुलाई को हुए उन बम धमाकों में 180 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और अनेक घायल हुए थे.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने गुरूवार को टेलीविज़न के ज़रिए देशवासियों को संबोधित करते हुए भारत सरकार को जाँच में सहयोग की पेशकश की थी.
मुशर्रफ़ ने कहा था कि अगर भारत सरकार यह सबूत दे कि मुंबई बम धमाकों के लिए पाकिस्तान की ज़मीन पर सक्रिय कुछ गुट ज़िम्मेदार हैं तो वह जाँच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं.
बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने दिल्ली में शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, "पाकिस्तान की तरफ़ से लगातार होने वाले इस खंडन से भारत को निराशा हुई है कि उसकी ज़मीन पर ऐसा कोई गुट सक्रिय नहीं है जो भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है."
नवतेज सरना ने कहा कि भारत इस पर भी निराश है कि पाकिस्तान ने अभी तक इस तरह के गुटों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की है.
नवतेज सरना ने कहा कि भारत पहले भी पाकिस्तान को सबूत मुहैया करा चुका है लेकिन पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई नहीं की है.
नवतेज सरना ने कहा, "हिज़्बुल मुजाहिदीन के मुखिया सैयद सलाहुद्दीन अब भी पाकिस्तानी क्षेत्र में आज़ाद घूमते हैं... जबकि उन्हें भारत सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए."
नवतेज सरना ने दोहराते हुए कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता के लिए समर्पित है लेकिन "यह तभी जारी रह सकती है और इसके कोई नतीजे निकल सकते हैं जबकि पाकिस्तान अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र में सक्रिय चरमपंती गुटों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे."