मंगलवार, 18 जुलाई, 2006 को 13:39 GMT तक के समाचार
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की अगुआई में पूरे भारत ने दो मिनट का मौन रख कर मुंबई धमाकों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजिल अर्पित की.
मंगलवार शाम भारतीय समयानुसार छह बज कर 25 मिनट पर सायरन बजते ही चौबीसों घंटे सरपट दौड़ने वाला मुंबई शहर अपने व्यस्ततम समय में दो मिनट के लिए थम सा गया.
राष्ट्रपति कलाम ने माहिम स्टेशन का दौरा किया और बम धमाकों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
मुंबई की सड़कों पर चलने वाले लगभग 55 हज़ार टैक्सियाँ, रेलगाड़ियाँ और निजी वाहन जहाँ के तहाँ रुक गए.
लोगों ने सड़कों के किनारे लंबी कतारों में खड़े होकर धमाकों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.
साथ-साथ
फ़िल्मी हस्तियों से लेकर डब्बे वालों और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बच्चों- सभी ने दो मिनट का मौन रख कर यह जताया कि संकट की घड़ी में सारे देशवासी एकसाथ हैं.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी जंतर-मंतर और कई अन्य स्थानों पर मुंबईवासियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए क़ाफी संख्या में लोग इकठ्ठा हुए और दो मिनट का मौन रखा.
ग्यारह जुलाई को हुए इन बम धमाकों में 180 से अधिक लोगों की जानें चली गई थीं और 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे.
राष्ट्रपति कलाम ने सोमवार को पत्रकारों से कहा था,'' आतंकवाद दिमाग़ी रूप से बीमार लोगों की उपज है और अच्छी सोचवाले सभी लोग मिलकर आतंकवाद से लड़ेंगे.''
उनका कहना था,'' मैंने कई घायलों से बात की है और उनका दर्द देखा है. अस्पताल जितना कर सकते हैं, वे कर रहे हैं और घायलों का मनोबल ऊंचा है.''
इधर आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस के मुताबिक फॉरेंसिक जाँच से पता चलता है कि मुंबई बम धमाकों में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था.