मंगलवार, 18 जुलाई, 2006 को 23:50 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि यदि भारत मुंबई बम विस्फोट के बारे में बिना सबूत के आरोप लगाने की जगह ठोस सूचनाएँ दे तो वे जाँच में सहयोग करेंगे.
उन्होंने कहा कि इस विस्फोट की वजह से शांतिवार्ता को स्थगित करना 'आतंकवादियों के हाथों' खेलना होगा.
उल्लेखनीय है कि गत 11 जुलाई को मुंबई में एक के बाद एक हुए बम विस्फोटों में कम से कम 200 लोग मारे गए थे और सैकड़ों अन्य घायल हो गए थे.
इसके बाद भारत ने आरोप लगाया था कि सीमापार के चरमपंथियों ने इसे अंजाम दिया है.
पुख़्ता सबूत
पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए परवेज मुशर्रफ़ ने कहा कि आगे बढ़ रही शांतिप्रक्रिया को स्थगित करना दुर्भाग्यजनक होगा.
उनका कहना था, "हमें ऐसे चरणपंथी कार्य ऐतिहासिक शांतिवार्ता को बाधा पहुँचाने के लिए ही किए जाते हैं."
जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "बिना सबूत के आरोप लगाने की वजाय यदि भारत ठोस सबूत दे तो पाकिस्तान उसे जाँच में सहयोग दे सकता है."
इससे पहले पाकिस्तान के सूचना मंत्री मोहम्मद अली दुर्रानी ने विदेश सचिव स्तर की बातचीत को टाले जाने के भारत के निर्णय को 'अवांछनीय' और 'अनावश्यक' भी बताया.
उल्लेखनीय है कि 20-21 जुलाई को दोनों देशों के बीच होने वाली विदेश सचिव स्तर की बैठक को भारत ने स्थगित कर दिया था.
सूचना मंत्री मोहम्मद अली दुर्रानी ने, "शांतिवार्ता को कोई नहीं रोक सकता. वह नहीं लौटाए जा सकने वाली प्रक्रिया है. और कोई भी मुद्दा इतना बड़ा नहीं हो सकता कि शांति प्रक्रिया को रोका जा सके."
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के अलावा सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों के अलावा चारों प्रांतों के मुख्यमंत्री और गवर्नर भी थे और सभी ने अपने-अपने क्षेत्र की वस्तुस्थिति की जानकारी दी.