सोमवार, 17 जुलाई, 2006 को 20:28 GMT तक के समाचार
ज़ुबैर अहमद
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर केंद्र की यूपीए सरकार की नीतियों की आलोचना की और इसके ख़िलाफ़ नया क़ानून बनाने की मांग की.
नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम को बम धमाकों के विरोध में मुंबई में आयोजित भाजपा की एक सभा में कहा कि अमरीका और अन्य पश्चिमी देशों ने भी 2001 के हमलों के बाद आतंकवाद के ख़िलाफ़ नया क़ानून बनाया है.
मोदी के मुंबई आने का विरोध किया जा रहा था और आशंका व्यक्त की जा रही थी कि उनके आने से वहाँ सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है.
समाजवादी पार्टी ने नरेंद्र मोदी की यात्रा के विरोध में मुंबई में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था.
गुजरात के मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह चरमपंथियों को प्रशिक्षित कर उन्हें भारत के शहरों पर हमले करने के लिए भेज रहा है.
मोदी अपनी सभा में दो घंटे देरी से पहुँचे लेकिन पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उनका इंतज़ार कर रहे थे.
सरकार पर निशाना
उन्होंने केंद्र सरकार की यूपीए सरकार पर आरोप लगाया कि उसने सत्ता में आने के बाद जो सबसे पहला काम किया कि आतंकवाद विरोधी क़ानून को ही समाप्त कर दिया.
उन्होंने मुंबई के लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से आतंकवाद का मुक़ाबला करने को कहा.
नरेंद मोदी ने अपने भाषण में कहा कि गुजरात इसलिए प्रगति कर पाया क्योंकि वहाँ चरमपंथियों से सख्ती से निपटा गया.
उनका कहना था कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद से पश्चिमी देशों को भारत पर हो रहे चरमपंथी हमलों के बारे में समझ में आने लगा है.
ग़ौरतलब है कि चार साल पहले गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों में एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे जिनमें अधिकांश मुसलमान थे.
इन दंगों के दौरान हत्याओं और हिंसा को न रोक पाने के लिए मोदी की कड़ी आलोचना हुई थी.