शनिवार, 15 जुलाई, 2006 को 11:51 GMT तक के समाचार
भारत के विदेश सचिव श्याम सरन ने कहा है कि मुंबई धमाकों के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही शांति प्रक्रिया को जारी रखना मुश्किल हो गया है.
लेकिन विदेश सचिव का यह भी मानना था कि शांति प्रक्रिया पूरी तरह नहीं रुकेगी. मुंबई की ट्रेनों में मंगलवार को हुए धमाकों में क़रीब 200 लोग मारे गए थे और 700 से ज़्यादा घायल हुए थे.
नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में श्याम सरन ने कहा, "इन आतंकवादी हमलों के कारण शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल हो रहा है."
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बातचीत के लिए कोई तारीख़ तय नहीं थी.
विदेश सचिव श्याम सरन ने उम्मीद जताई कि जी-8 की बैठक में मुंबई धमाकों के मद्देनज़र आतंकवाद के ख़िलाफ़ कड़ा बयान जारी होगा. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी-8 की बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में हिस्सा लेंगे.
'संयुक्त बयान'
विदेश सचिव श्याम सरन ने कहा, "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बारे में एक संयुक्त बयान के लिए मज़बूती से अपनी बात रखेंगे. यह ऐसा मामला नहीं, जिससे सिर्फ़ भारत प्रभावित है. जी-8 की बैठक से यह बात स्पष्ट रूप से सामने आनी चाहिए कि आतंकवाद के मुद्दे पर अलग-अलग रुख़ नहीं अपनाया जा सकता."
उन्होंने उम्मीद जताई कि जी-8 की बैठक में आतंकवाद के मुद्दे पर एक कड़ा बयान जारी होगा. श्याम सरन ने कहा कि आतंकवाद दुनियाभर की समस्या है और मुंबई धमाका भी इसी की कड़ी है.
शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुंबई का दौरा करने के बाद पाकिस्तान को चेतावनी दी थी और कहा था कि वह अपनी ज़मीन से भारत विरोधी चरमपंथी गतिविधियों पर क़ाबू करे.
प्रधानमंत्री ने भी कहा था, "अगर आतंकवादी गतिविधियों पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया जाता है तो किसी भी सरकार के लिए शांति प्रक्रिया को आगे ले जा पाना बहुत मुश्किल होगा."
हालाँकि पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा था कि इसके कोई सबूत नहीं. पाकिस्तान ने कहा कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने मुंबई धमाकों की जाँच में सहयोग का वादा किया है.
पाकिस्तान ने उम्मीद जताई थी कि मुंबई धमाकों के कारण शांति वार्ता नहीं रुकेगी. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम का कहना था कि दोनों चीज़े अलग-अलग हैं.