शुक्रवार, 14 जुलाई, 2006 को 12:28 GMT तक के समाचार
भारत प्रशासित कश्मीर की एक अदालत ने चर्चित सेक्स स्कैंडल मामले में एक पूर्व मंत्री और एक वरिष्ठ अधिकारी को ज़मानत देने से इनकार कर दिया है.
अदालत ने शुक्रवार को कहा कि मामले के अभियुक्त पूर्व मंत्री ग़ुलाम अहमद मीर और राज्य योजना विभाग के पूर्व प्रधान सचिव इक़बाल खांडे प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उनके रिहा होने से जाँच पर असर पड़ने का ख़तरा है.
ग़ौरतलब है कि दोनों अभियुक्त पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं. उन पर महिलाओं के देह व्यापार में लिप्त होने का आरोप है.
न्ययाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष और बचाव पक्षों की ओर से दलीलें सुने जाने की प्रक्रिया ख़त्म होने के बाद ही अभियुक्तों की ज़मानत याचिका पर विचार किया जा सकता है.
अदालत ने कहा कि दोनों अभियुक्तों के प्रभाव को देखते हुए उनके ख़िलाफ़ लगे आरोप और जघन्य मालूम पड़ते हैं.
अदालत ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई से पूरे मामले की जाँच में तेज़ी लाने को कहा ताकि सुनवाई जल्दी शुरु हो सके.
सीबीआई ने सेक्स स्कैंडल मामले में नौ अभियुक्तों के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल किया है.
ग़ौरतलब है कि ये मामला कुछ माह पहले तब सामने आया जब पुलिस के हाथों एक ऐसी सीडी लगी जिसमें स्थानीय नाबालिग लड़कियों को नग्न अवस्था में दिखाया गया था.
इसके बाद राज्यभर में इसके ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन हुए.
इस मामले में दोषी पाए गए लोगों पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव के दबाव में इन नाबालिग लड़कियों को वेश्यावृत्ति के लिए बाध्य किया होगा.