शुक्रवार, 14 जुलाई, 2006 को 02:04 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने मुंबई बम धमाकों की छानबीन में भारत की मदद करने का प्रस्ताव रखा है.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "मैं भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आश्वासन देना चाहता हूँ कि मैं और पाकिस्तान की सरकार उनके साथ है, हम किसी भी तरह की जाँच में उनकी मदद करने को तैयार हैं."
इस बीच भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शुक्रवार को मुंबई का दौरा करने जा रहे हैं जहाँ वे अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाक़ात करेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों से हमलों की जाँच के बारे में बातचीत करेंगे.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने एक बार फिर इन हमलों की निंदा की है और कहा है कि वे चाहते हैं कि इस हमले के दोषियों को सज़ा मिले.
हालाँकि पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने हमले के फ़ौरन बाद ही इसकी निंदा की थी लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच बुधवार से मुंबई के बम धमाकों को लेकर कटु बयानों का सिलसिला जारी है.
भारत ने आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी संगठन को हमले का दोषी नहीं ठहराया है लेकिन भारतीय समाचार माध्यमों में लगातार ऐसी ख़बरें प्रसारित-प्रकाशित हो रही हैं जिनमें कहा गया है कि कश्मीरी चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा का हाथ इन हमलों में हो सकता है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा है कि यह 'अन्यायपूर्ण' बात है कि भारत हर घटना के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहरा दिया जाता है.
विवाद की शुरूआत ख़ुर्शीद कसूरी के एक इंटरव्यू से शुरू हुई थी जिसके बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि वे मुंबई के धमाकों को कश्मीर की समस्या से जोड़ रहे हैं, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.
इसके बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता और ख़ुद पाकिस्तानी विदेश मंत्री कसूरी ने स्पष्टीकरण दिया जिसमें कहा गया कि उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए गए बयान में कश्मीर की समस्या को मुंबई के धमाकों से नहीं जोड़ा था.
भारत की ओर से पाकिस्तानी राष्ट्रपति के इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.