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गुरुवार, 13 जुलाई, 2006 को 17:16 GMT तक के समाचार

अस्पताल पहुँचे राजीव गांधी के 'हत्यारे'

भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए नलिनी और मुरुगन को दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के शहर वेल्लूर के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है.

नलिनी और मुरुगन अपनी बेटी को श्रीलंका से भारत लाने की अनुमति देने की मांग को लेकर पिछले कुछ हफ़्तों से भूख हड़ताल पर बैठे थे.

इनकी देखरेख कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि अब इनकी स्थिति स्थिर है.

राजीव के 'हत्यारे' भूख हड़ताल पर बैठे

अधिकारियों ने बताया है कि इस दंपति की भूख हड़ताल के चलते एहतियाती तौर पर इन्हें अस्पताल में दाखिल करा दिया गया है.

इससे पहले राज्य के एक राजनीतिक दल एमडीएमके के एक नेता ने भारत के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है कि इनकी बेटी अरिध्रा को भारत आने के लिए वीज़ा दिया जाए.

अरिध्रा जन्म के बाद से ही अपने दादा-दादी के पास श्रीलंका में रह रही है.

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी इस दंपति ने अपनी बेटी को भारत आने की अनुमति दिए जाने के लिए भूख हड़ताल की थी जिसके बाद उसे भारत आने दिया गया था.

मामला

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की वर्ष 1991 में तमिलनाडु में एक जनसभा में हुए आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी. इस मामले में चार लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई थी जबकि बाक़ी डेढ़ दर्जन लोगों को कारावास दिया गया था.

राजीव गांधी की हत्या के आरोप में जिन चार लोगों को मौत की सज़ा हुई उनमें नलिनी और मुरुगन भी शामिल थे.

हालांकि नलिनी की मौत की सज़ा को उम्र क़ैद में बदल दिया गया है जबकि मुरुगन और बाक़ी दो मौत की सज़ा पा चुके लोगों ने क्षमादान की अपील है जो अभी विचाराधीन है.

अरिध्रा का जन्म उस वक्त हुआ था जब उसकी माँ नलिनी जेल में थी पर जन्म के बाद उसे श्रीलंका भेज दिया गया था.