http://www.bbcchindi.com

बुधवार, 12 जुलाई, 2006 को 20:37 GMT तक के समाचार

मुंबई धमाकों की जांच ज़ोरों पर

भारत की व्यावसयिक राजधानी माने जाने वाले मुंबई शहर में सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद अब ज़िंदगी सामान्य होती जा रही है.

बम धमाकों की जांच का कार्य ज़ोरों पर है लेकिन अभी भी किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है.

मंगलवार की शाम मुंबई की लोकल ट्रेनों में एक के बाद एक सात धमाके हुए जिसमें लगभग 200 लोगों की मौत हो गई और 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संदेश

धमाकों के सिलसिले में मुंबई में कुछ संदिग्ध स्थानों पर छापे मारे गए हैं हैं और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है.

बुधवार को केंद्रीय गृह सचिव वीके दुग्गल ने दिल्ली में संवाददादता सम्मेलन में कहा कि हालाँकि जाँच पूरी तेज़ी से चल रही है लेकिन अभी 'कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है'.

वीके दुग्गल का बयान

संवाद समिति प्रेट्र के अनुसार मुंबई पुलिस ने प्रतिबंधित छात्र संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया यानी सिमी के कार्यकर्ताओं से पूछताछ की संभावना से इंकार नहीं किया है.

पुलिस सूत्रों के हवाले से प्रेट्र का कहना है कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को शक है कि लश्कर ए तैयबा ने सिमी की मदद से मुंबई में ये धमाके किए हैं.

मुंबई पर कसूरी के बयान से विवाद

दुग्गल ने कहा कि मुंबई पुलिस ने जाँच में ठोस प्रगति की उम्मीद जताई है और उन्होंने भरोसा भी जताया है कि वे जल्दी ही अभियुक्तों को पकड़ लेंगे.

मुंबई धमाकों के एक दिन बाद

बुधवार को एक अन्य संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल से जब यह पूछा गया कि क्या सरकार यह कहने की कोशिश कर रही है कि इसमें पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं है, तो इस पर पाटिल ने कोई टिप्पणी नहीं की.

शिवराज पाटिल ने कहा, "बेफिक्र रहिए, हम इस गुत्थी को सुलझा लेंगे."

महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक पीएस पसरीचा का कहना है कि कहना है कि कुछ सुराग मिले हैं और पुलिस उसकी जाँच कर रही है.

पुलिस प्रमुख ने विस्फोटों में आरडीएक्स की संभावना से इनकार नहीं किया लेकिन उनका कहना था कि इस बारे में फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है.

मुंबई धमाकों की तस्वीरें

उधर मुंबई में धमाकों के बाद बुधवार को जनजीवन तेज़ी से सामान्य हुआ है.

शेयर बाज़ार आम दिनों की तरह खुला और इसमें तेज़ी भी रही. मुंबई की लोकल ट्रेनों में आम दिनों की तरह भीड़भाड़ नहीं थी लेकिन काफी संख्या में लोगों ने ट्रेनों में सफर किया.

मुंबई में कई स्थानों पर रक्तदान शिविर भी लगे थे जहां लोगों ने घायलों के लिए रक्तदान किया है.