मंगलवार, 11 जुलाई, 2006 को 15:52 GMT तक के समाचार
भारत में महाराष्ट्र राज्य की राजधानी मुंबई में लोकल ट्रेनों में सात जुलाई 2005 को हुए धमाकों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए.
ये पहला मौका नहीं है जब भारत की व्यावसायिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई शहर को निशाना बनाया गया है.
वर्ष 2003 में अगस्त में मुंबई के मशहूर गेटवे ऑफ़ इंडिया और एक अन्य इलाक़े पर हमला किया गया था.
इस हमले में कम से कम 50 लोगों को अपनी जान गवाँनी पड़ी थी और 150 लोग घायल हो गए थे.
दरअसल 2003 में मुंबई को कई बार निशाना बनाया गया. 28 जुलाई 2003 को मुंबई के उपनगर घाटकोपर में बस में हुए विस्फोट में तीन लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हुए थे.
इससे पहले मार्च 2003 में इसी इलाक़े के आसपास एक लोकल ट्रेन में विस्फोट हुआ था जिसमें कम से कम दस लोगों की जान गई और साठ से ज़्यादा घायल हुए थे.
ये विस्फोट महिलाओं के प्रथम श्रेणी के एक डिब्बे में हुआ था और यह इतना शाक्तिशाली था कि डिब्बे की छत उड़ गई थी.
दिसंबर 2002 में शहर में एक मैकडोनल्ड रेस्तरां में धमाका हुआ था जिसमें 23 लोग घायल हो गए थे.
दिसंबर 2002 में ही एक लोकल बस में हुए धमाके में दो लोगों की जान गई थी.
मुंबई के इतिहास में सबसे बड़ा हमला हुआ था वर्ष 1993 में.
वर्ष 1993 में 12 मार्च को मुंबई में एक के बाद एक 13 धमाके हुए थे जिसमें कम से कम 250 लोगों की जान गई थी.
इन हमलों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को भी निशाना बनाया गया था.