शुक्रवार, 07 जुलाई, 2006 को 07:53 GMT तक के समाचार
भारत के शीर्ष अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.
एम्स के डॉक्टर संस्थान के निदेशक वेणुगोपाल की बर्खास्तगी के विरोध में दो दिन से हड़ताल पर हैं.
हड़ताल अब तीसरे दिन में पहुंच गई है लेकिन इसके समाप्त होने के आसान नज़र नहीं आ रहे हैं.
बुधवार को सरकार ने डॉ वेणुगोपाल को कथित रुप से आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में पद से बर्खास्त कर दिया गया था.
वेणुगोपाल इसके विरोध में अदालत का दरवाज़ा खटखटा चुके हैं जिस पर सुनवाई आज भी होने वाली है.
हड़ताल के कारण मरीजों पर सबसे बुरा प्रभाव पड़ा है.
संवाद समिति प्रेट्र के अनुसार ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित एक व्यक्ति राम स्वरुप ने कहा " मैं पिछले 15 दिन से रेडियोथेरेपी के लिए आ रहा हूं. हड़ताल के कारण मेरा इलाज नहीं हो पा रहा है. मैं नहीं जानता कितने दिन ऐसा चलेगा."
अस्पताल में 1200 से अधिक डॉक्टर काम करते हैं.
भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में एम्स की संचालन समिति ने बुधवार को डॉ वेणुगोपाल को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था.
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामडॉस और वेणुगोपाल के बीच खासी नोंक झोंक हुई थी जिसमें वेणुगोपाल ने रामडॉस पर संस्थान के कार्यों में " हस्तक्षेप " करने का आरोप लगाया था.
इससे पहले मई महीने में अन्य पिछड़ी जातियों को आरक्षण दिए जाने के सरकार के प्रस्ताव के विरोध में भी दिल्ली के अस्पतालों में हड़ताल हुई थी.