गुरुवार, 06 जुलाई, 2006 को 21:48 GMT तक के समाचार
भारत की राजाधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के निदेशक डॉक्टर वेणुगोपाल को बर्खास्त किए जाने के विरोध में एम्स के अलावा कई और सरकारी अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं.
इस बीच डॉक्टर वेणुगोपाल ने सरकार के निर्णय के ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.
लेकिन सरकार से साफ़ कर दिया है कि डॉक्टर वेणुगोपाल को जाना ही होगा.
उल्लेखनीय है कि डॉक्टर वेणुगोपाल पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए बुधवार को उन्हें उनके पद से बर्ख़ास्त कर दिया गया था.
उधर उनकी बर्ख़ास्तगी की ख़बर आते ही अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया और आपातकालीन सेवाएँ भी ठप्प कर दी थीं. गुरुवार को भी उन्होंने कोई काम नहीं किया.
डॉक्टरों की माँग है कि डॉक्टर वेणुगोपाल को तत्काल उनके पद पर वापस लाया जाए.
डॉक्टर वेणुगोपाल का समर्थन कर रहे कई डॉक्टरों ने आमरण अनशन शुरु कर दिया है वहीं मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, लोकनारायण जयप्रकाश अस्पताल, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल और यूनिर्वसिटी कॉलेज ऑफ़ मेडिकल साइंसेस के डॉक्टरों ने भी हड़ताल कर दी है.
गुरुवार को ज़्यादातर अस्पतालों के ओपीडी बंद रहे और उन्होंने शुक्रवार को भी हड़ताल जारी करने का निर्णय लिया है.
याचिका
उधर डॉक्टर वेणुगोपाल ने अपनी बर्खास्तगी के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.
गुरुवार को दाखिल डॉक्टर वेणुगोपाल की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है.
उधर सरकार की ओर से डॉक्टर वेणुगोपाल को अदालत के बाहर समझौता करने का प्रस्ताव दिया गया है.
इस प्रस्ताव में सरकार की ओर से कहा गया है कि सरकार डॉक्टर वेणुगोपाल की बर्खास्तगी ख़त्म करने को तैयार हैं बशर्ते वेणुगोपाल ख़ुद अपनी ओर से इस्तीफ़ा दे दें.
यानी सरकार ने साफ़ कर दिया है कि डॉक्टर वेणुगोपाल को तो जाना ही होगा.
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और भारतीय जनता पार्टी ने डॉक्टर वेणुगोपाल के समर्थन में आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है.