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बुधवार, 05 जुलाई, 2006 को 11:42 GMT तक के समाचार

महंगाई पर कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों की बैठक

भारत में पिछले कुछ समय से बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने उपायों के तहत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक बुधवार को राजधानी दिल्ली में की.

बैठक में कहा गया कि महंगाई की एक वजह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) वाली पिछली केंद्र सरकार की नीतियाँ भी हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्रियों की एक बैठक में महंगाई को नियंत्रित करने के मुद्दे पर ठोस क़दम उठाने के बारे में चर्चा की.

इससे पहले मंगलवार को पार्टी के महासचिवों के साथ हुई कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बैठक में इस दिशा में काफ़ी विचार-विमर्श हुआ था. इस बैठक में तय हुई बातों से भी मुख्यमंत्रियों को अवगत कराया गया.

मुख्यमंत्रियों ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए राज्य स्तर पर अपनी ओर से उठाए गए क़दमों को भी बैठक में सामने रखा.

इनमें से एक पैट्रोलियम पदार्थों पर मूल्य संवर्धित कर यानी वैट में कमी करना भी शामिल है.

चिंता

बैठक के बाद यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस यह दिखाने की कोशिश कर रही हैं कि महंगाई को लेकर केवल कांग्रेस पार्टी ही चिंतित है, पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "ऐसा कहना ग़लत है. कांग्रेस पार्टी केवल वही काम कर सकती है जहाँ उसकी सरकार है. यह ध्यान रखना चाहिए कि यह बैठक कांग्रेस की थी न कि केंद्र सरकार की. हम सभी मुख्यमंत्रियों को तो नहीं बुला सकते हैं न."

महंगाई बढ़ने के कारणों के लिए पिछली एनडीए सरकार की नीतियों को भी दोषी ठहराया गया और कहा गया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम से संबंधित एनडीए सरकार के वर्ष 2002 के नियंत्रण आदेशों पर पुनर्विचार करने की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के मुद्दे पर राज्य सरकारों को और अधिक अधिकार देने की ज़रूरत है. इसमें उन लोगों से निपटने के लिए भी अधिक अधिकार माँगे गए हैं जो अनाज का भंडारण करके बाज़ार में उसकी उपलब्धता को प्रभावित करते हैं.

उधर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बैठक में मुख्यमंत्रियों से कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मज़बूत करने के लिए राज्य सरकारों को प्रयास करने चाहिए और यह तय करना चाहिए कि आम आदमी तक वाजिब दामों पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हो.

मुख्यमंत्रियों ने आश्वासन दिया है कि वो महंगाई की स्थिति पर बारीकी से नज़र रखेंगे और जहाँ संभव होगा, ज़रूरी क़दम उठाएंगे.