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गुरुवार, 29 जून, 2006 को 02:58 GMT तक के समाचार

संघर्षविराम के पर्यवेक्षकों की अहम बैठक

श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्षविराम की निगरानी कर रहे पाँच देशों की एक अहम बैठक ओस्लो में होने जा रही है.

गुरुवार को होने वाली इस बैठक में श्रीलंका में फिर से बढ़ती हिंसा के मद्देनज़र पर्यवेक्षकों या निगरानीकर्ताओं की भूमिका और सुरक्षा को लेकर चर्चा होनी है.

हाल ही में यूरोपीय संघ ने तमिल विद्रोहियों के संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (एलटीटीई) को 'आतंकवादी संगठनों' की सूची में शामिल कर लिया था.

इसके बाद से तमिल विद्रोही यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षकों को हटाने की माँग कर रहे हैं.

इस वार्ता का आयोजन श्रीलंका की शांति प्रक्रिया में मध्यस्थता कर रहे नॉर्वे ने किया है.

इसमें नॉर्वे के अलावा स्वीडन, फ़िनलैंड, डेनमार्क और आइसलैंड को भाग लेना है.

इसमें से तीन देश डेनमार्क, स्वीडन और फ़िनलैंड यूरोपीय संघ के सदस्य हैं.

तमिल विद्रोही इन तीनों देशों के पर्यवेक्षकों को हटाने की माँग की है.

लेकिन श्रीलंका सरकार ने तमिल विद्रोहियों की इस माँग को ठुकरा दिया है.

तमिल विद्रोहियों ने कहा है कि इन्हें सितंबर तक हटा लेना चाहिए.

बीबीसी संवाददाता दुमित्रा लूथरा का कहना है कि जब सरकार और विद्रोही दोनों ही पर्यवेक्षकों की सुरक्षा की गारंटी न दे रहे हों तो इन तीनों देशों के अलावा और कोई चारा नहीं बचता कि वे अपने लोगों को वापस बुला लें.

उनका कहना है कि इसके बाद ऐसे देश ढूँढ़ना भी मुश्किल काम होगा जो दोनों पक्षों को मंज़ूर हों.