अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने चरमपंथ के ख़िलाफ़ संघर्ष में पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान और अमरीका के बीच और सहयोग बढ़ाने की बात कही है.
अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि तीनों देशों को सहयोग बढ़ाने की ज़रूरत है ताकि इस क्षेत्र की जटिल समस्याओं से निपटा जा सके.
पाकिस्तान दौरे से पहले कोंडोलीज़ा राइस ने कहा,'' हमें इस बारे में बात करना चाहते हैं कि और क्या कर सकते हैं.''
ग़ौरतलब है कि कोंडोलीज़ा राइस मंगलवार से पाकिस्तान दौरे पर हैं. पिछले आठ महीने में ये उनकी तीसरी पाकिस्तान यात्रा है.
माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत का मुख्य विषय अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति होगी.
अफ़ग़ानिस्तान में कार्रवाई के लिए अमरीका पाकिस्तान का बड़ा सहयोग लेता रहा है और पाकिस्तान से लगी सीमा में ही तालेबान की ताक़त अब भी बरकरार है.
इसके अलावा दूसरा मुद्दा भारत और अमरीका के बीच परमाणु सहयोग का रहेगा.
पाकिस्तान ने भारत के साथ अमरीका के परमाणु सहयोग के मामले पर चिंता जताई थी और परवेज़ मुशर्रफ़ कई बार दोहरा चुके हैं कि अमरीका को ऐसा ही सहयोग पाकिस्तान के साथ भी करना चाहिए.
अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति
पिछले कुछ महीनों में अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है और तालेबान के हमलों में बढ़ोत्तरी हुई है.
इस बीच तालेबानों को लेकर अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मतभेद भी बढ़े हैं. इसे निपटाने के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी पिछले दिनों हुई थी.
पिछले कुछ दिनों में ही अमरीकी नेतृत्व वाली संयुक्त सेना ने तालेबान के ख़िलाफ़ विशेष अभियान छेड़ा है और दावा किया गया है कि पिछले दो हफ़्तों में कम से कम दो सौ विद्रोहियों को मार दिया गया है.
कुछ घटनाओं ने अमरीकी फ़ौज के प्रति आम जनता की नाराज़गी को उजागर किया है.
संवाददाताओं का कहना है कि अमरीका की चिंता को राष्ट्रपति हामिद करज़ई के उस बयान ने भी बढ़ाया है जिसमें उन्होंने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय सेना को विद्रोहियों से निपटने की अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिए.
उन्होंने अफ़ग़ान नागरिकों के मारे जाने पर सवाल उठाए थे.