मंगलवार, 27 जून, 2006 को 12:27 GMT तक के समाचार
भारत और पाकिस्तान के बीच आने-जाने के विभिन्न रास्ते खोले जाने के कारण इस साल दोनों देशों के यात्रियों की आवाजाही में ख़ासी बढ़ोत्तरी हुई है.
भारत सरकार के मुताबिक 2006 के पहले पाँच महीनों में एक लाख 70 हज़ार लोगों ने एक दूसरे के देश की यात्रा की.
ग़ौरतलब है कि 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद दोनों देशों के बीच रेल, सड़क और हवाई संपर्क समाप्त हो गया था.
भारत का आरोप है कि पाकिस्तान चरमपंथियों का समर्थन करता है लेकिन पाकिस्तान इस आरोप से इनकार करता आया है. लेकिन भारतीय संसद पर हमले की घटना ने दोनों देशों को संघर्ष के क़रीब ला दिया था.
लेकिन पिछले दो वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की दिशा में कई प्रयास किए गए हैं.
पिछले साल ही दोनों ओर के कश्मीर के बीच पहली बस सेवा की शुरुआत हुई और पिछले सप्ताह ही भारत प्रशासित कश्मीर के पुंछ और पाकिस्तान प्रशासित रावलकोट के बीच एक और बस सेवा शुरू हुई.
इसके अलावा रेल संपर्क की भी शुरुआत हुई जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार में बढोत्तरी की उम्मीद की जा रही है.
इन प्रयासों से विभाजन के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि दोनों देशों की सीमाओं में बंटे रिश्तेदार आपस में मिल सके.
इसके अलावा तीर्थयात्रियों को भी यात्रा का अवसर मिल सका.
बीबीसी संवाददाता नवदीप धारीवाल का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सुधार अवश्य हुआ है लेकिन दोनों देश अब भी कश्मीर के मुद्दे को हल करने में सफल नहीं हो पाए हैं.