शनिवार, 24 जून, 2006 को 15:05 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने कहा है कि पिछले दो दिनों में हुई झड़पों में कम से कम 65 तालेबान लड़ाके मारे गए हैं.
गठबंधन और अफ़ग़ान सेना ने चरमपंथियों के एक बड़े गुट पर हमला किया और शुक्रवार को कंधार में तीन घंटों तक चरमपंथियों से झड़प चली.
उरूज़गान प्रांत में भी सेना और तालेबान लड़ाकों के बीच पाँच घंटे तक झड़प चली.
पिछले कुछ महीनों में अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है.
गठबंधन सेना और अफ़ग़ान राष्ट्रीय सेना के एक बयान में कहा गया है कि कंधार के पास हुई झड़प के बाद कई चरमपंथी आसपास के गाँवों में भाग गए.
बयान में कहा गया है कि उरूज़गान प्रांत में करीब 40 चरमपंथी मारे गए.
चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान
अफ़ग़ान सेना में दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान के कमांडर जनरल रहमतउल्ला रफ़ी ने एएफ़पी से इस बात की पुष्टि की है कि इलाक़े में झड़पें हुई हैं.
संवाददाताओं का कहना है कि वर्ष 2001 में तालेबान को हराने के बाद से अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा का सबसे बुरा दौर चल रहा है.
पिछले हफ़्ते गठबंधन सेना ने दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ एक विशेष अभियान शुरु किया था जिसे ऑपरेशन माउंटेन थ्रस्ट का नाम दिया गया था.
सैन्य अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के तहत चरमपंथियों के कई ठिकानों पर हमले किए गए हैं.
पाकिस्तान से बातचीत
इस बीच तालेबान की गतिविधियों के संबंध में अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बातचीत हुई है.
ग़ौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहे हैं.
अफ़ग़ान विदेश मंत्री रंगीन स्पांता ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच मतभेद अब भी कायम है. लेकिन दोनों पक्ष आपसी संपर्क बढ़ाने और ग़लतफ़हमी को दूर करने पर सहमत हो गए हैं.
अफ़ग़ान विदेश मंत्री पाकिस्तान यात्रा पर हैं और उन्होंने शुक्रवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्री खु़र्शीद कसूरी से बातचीत की.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री कसूरी ने बातचीत का स्वागत किया और कहा कि दोनों पक्षों को संपर्क बढ़ाना चाहिए.
इसके पहले अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि वह दोनों देशों की लगनेवाली सीमा से तालेबान के आधार को समाप्त नहीं कर रहा है. हालांकि पाकिस्तान इन आरोपों का खंडन करता आया है.