गुरुवार, 22 जून, 2006 को 11:22 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथियों से निपटने के तरीक़े पर पुनर्विचार करना चाहिए.
करज़ई का बयान ऐसे दिन आया है जब अमरीका ने पूर्वोत्तर अफ़ग़ानिस्तान में अपने चार और सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है.
गुरूवार को राजधानी काबुल में करज़ई ने कहा कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में हर हफ़्ते सैंकड़ो अफ़गान नागरिकों की मौत अस्वीकार्य है.
उन्होंने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है उसके बारे में मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लगातार आगाह करता रहा हूँ. हम उनसे तौर-तरीक़े बदलने को भी कह रहे हैं."
करज़ई ने कहा कि बेहतर ये सुनिश्चित करना होगा कि चरमपंथियों को पैसा और प्रशिक्षण उपलब्ध नहीं हो सके.
काबुल से बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार करज़ई ने अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय बलों की आलोचना कर देश में सुरक्षा के बदतर हाल के मद्देनज़र बढ़ रही हताशा को स्वर दिया है.
ज़वाहिरी का वीडियो
इस बीच अल-क़ायदा चरमपंथी संगठन में दूसरे नंबर के सबसे प्रमुख व्यक्ति माने जाने वाले अयमन अल-ज़वाहिरी ने अफ़गानों से अपने देश में मौजूद विदेशी सैनिकों के ख़िलाफ़ उठ खड़े होने का आहवान किया है.
एक इस्लामी वेबसाइट पर डाले गए तीन मिनट के वीडियो में ज़वाहिरी ने कथित अधर्मी ताक़तों को अफ़ग़ानिस्तान से खदेड़े जाने का आहवान किया है.
ज़वाहिरी ने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान और ख़ास कर काबुल के मुसलमान भाइयों, मुजाहिदीनों के साथ एकजुट हो जाओ ताकि आक्रमणकारी ताक़तों को देश से निकाला जा सके."
अपनी प्रतिक्रिया में राष्ट्रपति करज़ई ने अल-क़ायदा को अफ़ग़ानिस्तान का दुश्मन बताया है. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की दुर्दशा के लिए अल-क़ायदा ज़िम्मेवार है.