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सोमवार, 19 जून, 2006 को 18:41 GMT तक के समाचार

'भारत का दावा कमज़ोर नहीं होगा'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के भारत की ओर से दावेदार शशि थरूर का कहना है कि उनकी उम्मीदवारी से भारत की सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का दावा कमज़ोर नहीं होगा.

शशि थरूर ने सीपीएम नेताओं से सोमवार को मुलाक़ात की. उसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा,'' मेरी उम्मीदवारी से भारत का दावा प्रभावित नहीं होता है क्योंकि दोनों मुद्दे एक दूसरे से जुड़े हुए नहीं हैं.''

उनका कहना था, '' भारत का सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का दावा 1992 से है जब सुरक्षा परिषद के सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई थी.''

थरूर ने कहा, '' सुरक्षा परिषद के महासचिव का पद तात्कालिक मामला है जबकि स्थायी सदस्यता का मुद्दा लंबा है. मेरी उम्मीदवारी से भारत के दावे पर कोई असर नहीं पड़ेगा.''

शशि थरूर ने बताया कि सीपीएम नेताओं, प्रकाश कारत और सीताराम येचुरी से मुलाक़ात उन्हें अपनी उम्मीदवारी के बारे में जानकारी देने के लिए थी.

दावेदारी

शशि थरूर फिलहाल संयुक्त राष्ट्र में उप महासचिव के रूप में कार्यरत हैं और वो संचार और सार्वजनिक सूचना विभाग देखते हैं.

शशि थरूर ने 1978 में अमरीका के फ्लैशर स्कूल ऑफ़ लॉ एंड डिप्लोमेसी से पीएचडी की थी और तभी से वो संयुक्त राष्ट्र से जुड़े हुए हैं.

ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की यह परंपरा रही है कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों ने महासचिव पद के लिए कभी अपनी दावेदारी नहीं रखी है. हालांकि विकासशील देशों की ओर से ही इस पद के लिए नामांकन आते रहे हैं.

भारत सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयासरत रहा है और इसीलिए महासचिव पद के लिए अपनी ओर से कोई नाम सुझाने से बचता रहा है.

पर इस बार शशि थरूर के नाम के साथ ही भारत भी महासचिव पद की दौड़ में भी शामिल हो गया है.

उल्लेखनीय है कि वर्तमान संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान का कार्यकाल दिसंबर 2006 में पूरा हो रहा है और उनके बाद इस पद को संभालने के लिए नए महासचिव का चुनाव होना है.