सोमवार, 19 जून, 2006 को 06:51 GMT तक के समाचार
भारत और चीन के बीच व्यापार के लिए सिक्किम में नाथू ला दर्रे को खोलने पर समझौता हो गया है.
नाथू ला दर्रा 1962 में भारत चीन युद्ध के बाद बंद था और अब समझौते के तहत इसे छह जुलाई से व्यापार के लिए खोला जाएगा.
इस दर्रे के खुलने से भारत और चीन के पहाड़ी इलाक़ों को व्यापार के ज़रिए काफी फायदा पहुंचने की उम्मीद है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दोनों देशों के बीच कल देर रात यह समझौता हुआ.
क़रीब 43000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नाथू ला सिक्किम और तिब्बत को जोड़ता है.
समझौते के तहत दोनों देश उन 30 वस्तुओं का व्यापार कर सकेंगे जिस पर 1991, 92 और 2003 में सहमति हुई है.
इन वस्तुओं में कृषि उत्पाद, कंबल, एग्रोकेमिकल उत्पाद, सूखे फल, काफी और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ शामिल है.
वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख क्रिस्टी फर्नाडिस ने बताया कि सीमा व्यापार फिर से शुरु होना एक ऐतिहासिक घटना है. यह सिर्फ व्यापार का मसला नहीं है बल्कि दोनों देशों के सुखद होते संबंधों की मिसाल है.
उधर चीनी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और तिब्बत स्वायत्तशासी परिषद के उपाध्यक्ष हाओ पेंग ने कहा कि इस समझौते से पूरे क्षेत्र की आर्थिक उन्नति होगी.
20 सदी की शुरुआत में भारत और चीन के जो व्यापार होता था उसका अस्सी प्रतिशत व्यापार नाथू ला दर्रे के ज़रिए ही होता था. यह दर्रा प्राचीन सिल्क रुट का भी हिस्सा रहा है.
इस दर्रे के बंद होने के बाद चीन और भारत समुद्र के ज़रिए व्यापार कर रहे थे.
भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर बड़ा विवाद रहा है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने इन विवादों को सुलझाने की दिशा में प्रगति की है.
इस सहमति के तहत अब चीन सिक्किम को भारत का हिस्सा मानने लगा है.