रविवार, 18 जून, 2006 को 12:02 GMT तक के समाचार
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि पूर्व शाही सरकार में मंत्री रहे दो नेताओं - कमल थापा और टंका धाकाल को रिहा किया जाए.
कोर्ट ने कहा कि उन्हें हिरासत में रखने का पर्याप्त आधार नहीं है. नेपाल में सात पार्टियों की गठबंधन सरकार ने पूर्व शाही सरकार के पाँच मंत्रियों को लगभग एक महीने पहले हिरासत में लिया था.
उन पर आरोप लगाया गया था कि वे जनांदोलन और जनता की प्रभुसत्ता के ख़िलाफ़ षड्यंत्र रच रहे हैं.
इसी महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने तीन पूर्व मंत्रियों- रमेश नाथ पांडे, श्रीस शमशेर राना और निक्षय शमशेर राना को रिहा करने का आदेश दिया था.
'सार्वजनिक सुरक्षा क़ानून'
नेपाल में सरकार ने पिछले महीने पूर्व शाही सरकार के पाँच मंत्रियों को सार्वजनिक सुरक्षा क़ानून के तहत हिरासत में लिया था.
इन मंत्रियों को जिस क़ानून के तहत गिरफ़्तार किया गया था, उसमें बिना मुकदमे के 90 दिन तक हिरासत में रखा जा सकता है.
नेपाल नरेश के शासन के दौरान विरोधियों के ख़िलाफ़ इस क़ानून का अकसर इस्तेमाल किया जाता था.
नेपाल में कई मानवाधिकार संगठनों ने सार्वजनिक सुरक्षा क़ानून के इस्तेमाल के लिए नेपाल सरकार की निंदा की है.