रविवार, 18 जून, 2006 को 07:26 GMT तक के समाचार
झारखंड के एक गांव में पिछले 59 सालों से जो विकास नहीं हुआ था वह एक शादी ने कर दिखाया है.
लेकिन ये शादी है राज्य के गृह मंत्री की. तभी डिंबूडीह और उसके आसपास के गांवों का तीव्र विकास पिछले तीस दिनों में ही हो गया है.
गांव में न केवल बिजली आ गई है बल्कि दूल्हे यानी गृह मंत्री सुदेश महतो के घर सिल्ली से उनकी होने वाली पत्नी नेहा के गांव डिंबूडीह तक सड़क भी बन गई है.
विकास केवल डिंबूडीह नहीं बल्कि उसके आसपास के गांव सोसोडीड, जामडीह, उल्ली लहार और हीरनडीह का भी कायापलट हो गया है.
गृह मंत्री महतो के पास सड़क एवं निर्माण विभाग भी है और शायद तभी विकास कार्य इतनी तेज़ी से हुआ है.
महतो की होने वाली पत्नी नेहा मुंबई के डीवाई पटेल कॉलेज में क़ानून की पढ़ाई कर रही है और दोनों की शादी 18 जून को होगी.
आलोचना
शादी की तैयारियों और एक ख़ास इलाक़े के विकास को लेकर राज्य सरकार और गृह मंत्री की आलोचना भी हो रही है.
हालांकि सरकारी महकमे का कहना है कि सारा विकास कार्य सरकारी ख़र्चे पर हो रहा है लेकिन शादी के लिए कोई पैसा सरकार की तरफ से नहीं लगाया गया है.
शादी की तैयारी में बड़े बड़े पंडाल लगाए गए हैं और माओवादियों से ख़तरे को देखते हुए बुलेट प्रूफ तंबू बनाया गया है जहाँ वीआईपी नेता बैठेंगे.
हाई प्रोफ़ाईल शादी को लेकर पुलिस महकमा भी काफ़ी परेशान है क्योंकि यह इलाक़ा माओवादियों का है. राज्य के पुलिस महानिदेशक ( विशेष शाखा) का कहना है कि गृह मंत्री को माओवादियों से खतरा है जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
उधर विपक्षी दल ख़ासकर सीपीआई ( मार्क्सवादी- लेनिनवादी) इसका कड़ा विरोध कर रही है. पार्टी का कहना है कि सरकार को सभी पिछड़े इलाक़ों के विकास पर एकसमान ध्यान देना चाहिए.
पार्टी के नेता विनोद कुमार सिंह ने यहाँ तक कहा कि शादी के लिए कुछ दिनों में सड़क, बिजली की सुविधाएं मुहैया कराना दर्शाता है कि विकास के लिए अगर इच्छा है तो विकास कहीं भी और कभी भी किया जा सकता है.
झारखंड में अभी भी कई ऐसे इलाक़े हैं जहां सड़क, पानी और बिजली की मूलभूत सुविधाएं नहीं है.