शनिवार, 17 जून, 2006 को 05:18 GMT तक के समाचार
श्रीलंका में सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच समुद्र और ज़मीनी संघर्ष में 30 से अधिक लोग मारे गए हैं.
गुरुवार को सेना ने विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरु की थी और शुक्रवार से विद्रोहियों ने जवाबी कार्रवाई करनी शुरु कर दी है.
सेना और तमिल विद्रोहियों के संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (एलटीटीई) के बीच ताज़ा संघर्ष गुरुवार को एक यात्री बस में हुए विस्फोट के बाद से शुरु हुआ है.
इस विस्फोट में स्कूली बच्चों और महिलाओं समेत 64 लोग मारे गए थे और 80 लोग घायल हुए थे.
सेना के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि एक नौसैनिक ठिकाने और एक पुलिस चौकी पर विद्रोहियों ने हमला किया.
उन्होंने बताया कि सेना ने हवाई, नौसैनिक और ज़मीनी हमले की कार्रवाई शुरु की और विद्रोहियों की आठ नौकाएँ नष्ट कर दीं.
सेना का कहना है कि इस हमले में कम से कम 25 विद्रोहियों की मौत हुई है.
संघर्ष में छह नौसैनिक भी मारे गए हैं.
एक अन्य घटना में तीन तमिल विद्रोहियों को एक नाराज़ भीड़ ने घेर लिया. इनमें से दो ने आत्महत्या करने की कोशिश की. उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.
सेना ने शुक्रवार को भी हवाई हमले किए थे.
अंतिम संस्कार
उधर बस विस्फोट में मारे गए लोगों का शुक्रवार को सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया.
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| विस्फोट में मारे गए लोग सिंहला थे |
सरकार का आरोप है कि बस में विस्फोट तमिल विद्रोहियों के संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (एलटीटीई) ने किया था.
हालांकि एलटीटीई ने इन हमलों के पीछे हाथ होने से इंकार किया है.
तमिल विद्रोहियों ने कहा था कि इस बस पर हमला उस अर्द्धसैनिक बल का काम हो सकता है जो सरकार के साथ जुड़ा हुआ है.
इससे पहले भी हुए विस्फोटों के लिए सरकार एलटीटीई को दोषी ठहराती रही है और तमिल विद्रोही इन आरोपों का खंडन कर रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि अप्रैल में शांतिवार्ता में बाधा आने के बाद से श्रीलंका में सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ा है और इसके बाद से श्रीलंका में विस्फोटों की कई घटनाएँ हुई हैं.
हाल ही में नॉर्वे में शांतिवार्ता की एक और कोशिश हुई थी लेकिन वो असफल रही.