शनिवार, 17 जून, 2006 को 11:22 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में और लड़ाई होने की ख़बरें मिली हैं और अमरीकी सेना का कहना है कि ताज़ा लड़ाई में लगभग 40 तालेबान लड़ाके मारे गए हैं.
गठबंधन सैनिकों ने कहा कि उन्होंने अफ़ग़ान सुरक्षा बलों के साथ मिलकर देश के दक्षिणी हिस्से में एक ऐसे ठिकाने पर हमला किया जहाँ अफ़ग़ान लड़ाके छुपे हुए थे और एक बैठक कर रहे थे.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने उज़गान प्रांत में उस ठिकाने को 'शत्रु का कैंप' बताया. इस इलाक़े में हाल के महीनों से हिंसा में ख़ासी तेज़ी आई थी.
गठबंधन सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि तालेबान लड़ाकों के एक गुट का पीछा किया गया जो एक ठिकाने पर बैठक करने जा रहा था.
गठबंधन सेना का कहना है कि ये तालेबान लड़ाके बम बमाने और अफ़ग़ान सुरक्षा एजेंसियों के ख़िलाफ़ हमले करने की योजना बनाने के लिए ज़िम्मेदार थे.
हमला
गठबंधन सेना के अधिकारियों का कहना है कि तालेबान लड़ाकों के ठिकाने के उस परिसर पर हमला करके चालीस तालेबान लड़ाकों को मार दिया गया और उस परिसर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया. इस हमले में गठबंधन सेना की तरफ़ कोई हताहत नहीं हुआ.
अलबत्ता अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी कूनार प्रांत में एक सड़क पर हुए बम विस्फोट में गठबंधन सेना के दो सैनिकों की मौत हो गई.
कंधार प्रांत से भी ख़बरें मिली हैं कि कुछ तालेबान लड़ाकों ने एक थाने पर हमला करने की कोशिश की जिसमें कुछ तालेबान लड़ाके मारे गए. हताहत तालेबान लड़ाकों की संख्या के बारे में पता नहीं चला है. समझा जाता है कि कुछ पुलिसकर्मी भी हताहत हुए हैं.
गठबंधन सेना और अफ़गान सैनिकों ने मिलकर इसी सप्ताह एक बड़ा अभियान शुरू किया जिसे ऑपरेशन माउंटेन थ्रस्ट नाम दिया गया. इसमें अनेक स्थानों पर सैन्य अभियान चलाए जा रहे हैं.
इस अभियान का उद्देश्य ख़ासतौर से दक्षिणी इलाक़ों में तालेबान लड़ाकों को निशाना बनाना है और उन इलाक़ों में सरकारी नियंत्रण सुनिश्चित करना है.
वहाँ सुरक्षित माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है क्योंकि जुलाई में विदेशी गठबंधन सेना की बागडोर नैटो के हाथों में आ जाएगी.