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शुक्रवार, 16 जून, 2006 को 13:32 GMT तक के समाचार

प्रचंड-कोइराला के बीच वार्ता

नेपाल में माओवादी विद्रोहियों के नेता प्रचंड और प्रधानमंत्री गिरिजाप्रसाद कोइराला की राजधानी काठमांडू में बातचीत हुई है.

ये बातचीत गत अप्रैल में घोषित शांति प्रक्रिया का हिस्सा है.

इस बातचीत के ज़रिए दोनों नेता कोशिश कर रहे थे कि चुनाव होने और नए संविधान के गठन से पहले सारे मतभेद सुलझा लिए जाएँ.

प्रचंड से कुछ दिन पहले बीबीसी हिंदी सेवा की बातचीत

माओवादी विद्रोह के दस साल के इतिहास में माओवादियों और सरकार के बीच ये पहली अधिकृत वार्ता है.

अप्रैल में व्यापक जनांदोलन के बाद जब राजा ज्ञानेंद्र ने संसद को बहाल किया और सत्ता गठबंधन सरकार को सौंपी, तब माओवादियों ने संघर्ष विराम की घोषणा की थी.

इसके बाद से सरकार और माओवादियों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है और दोनों के बीच रिश्तों में सुधार दिखाई दिया है.

ये वार्ता प्रधानमंत्री निवास में हुई है.

दस साल बाद

कई दशकों बाद विद्रोही माओवादियों के नेता प्रचंड की ये पहली काठमांडू यात्रा है.

इसका एक कारण तो ये था कि उनका संगठन विद्रोह कर रहा था और सरकार ने उसे प्रतिबंधित कर रखा था.

और दूसरे प्रचंड को लेकर पिछले कुछ सालों में एक रहस्य सा गढ़ दिया गया है.

प्रचंड 80 के दशक के शुरुआत से ही भूमिगत हैं.

उनके भूमिगत होने की शुरुआत पहले तब हुई जब सभी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया और इसके बाद तब जब 1996 में विद्रोह शुरु करने के बाद.

समझा जाता है कि वे मध्य नेपाल के किसी पहाड़ी इलाक़े से हेलिकॉप्टर से काठमांडू पहुँचे.

अभी भी प्रचंड सार्वजनिक रुप से दिखाई नहीं दे रहे हैं और माओवादी संगठन के प्रवक्ता कृष्ण बहादुर महारा का कहना है कि वे फ़िलहाल सार्वजनिक रूप से दिखाई भी नहीं देंगे.

प्रधानमंत्री गिरिजाप्रसाद कोइराला के विपक्ष में रहते तो प्रचंड की उनसे मुलाक़ातें हुई हैं लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों के बीच ये पहली मुलाक़ात थी.