http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 15 जून, 2006 को 14:16 GMT तक के समाचार

महासचिव पद की दौड़ में भारत भी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लंबे समय से स्थायी सदस्यता के लिए प्रयासरत रहा भारत अब महासचिव पद के लिए शशि थरूर का नाम प्रस्तावित कर रहा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने गुरूवार को दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि भारत ने शशि थरूर की दावेदारी के पक्ष में सदस्य देशों से समर्थन जुटाने का प्रयास शुरू कर दिया है.

भारतीय नागरिक शशि थरूर फिलहाल संयुक्त राष्ट्र में उप महासचिव के रूप में कार्यरत हैं और वह संचार और सार्वजनिक सूचना विभाग देखते हैं.

शशि थरूर ने 1978 में अमरीका के फ्लैशर स्कूल ऑफ़ लॉ एंड डिप्लोमेसी से पीएच डी की थी और तभी से वह संयुक्त राष्ट्र से जुड़े हुए हैं.

शशि थरूर ने अनेक उपन्यास लिखे हैं जिनमें एक राजनीतिक व्यंग्य 'द ग्रेट इंडियन नॉवेल' भी है.

ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की यह परंपरा रही है कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों ने महासचिव पद के लिए कभी अपनी दावेदारी नहीं रखी है और विकासशील देशों की ओर से ही इस पद के लिए नामांकन आते रहे हैं.

भारत सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयासरत रहा है और इसीलिए महासचिव पद के लिए अपनी ओर से कोई नाम सुझाने से बचता रहा है.

पर इस बार शशि थरूर के नाम के साथ ही भारत भी महासचिव पद की दौड़ में शामिल हो गया है.

दावेदारी

वर्तमान संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान का कार्यकाल दिसंबर 2006 में पूरा हो रहा है और उनके बाद इस पद को संभालने के लिए नए महासचिव का चुनाव होना है.

कोफ़ी अन्नान और उनसे पहले महासचिव रहे बुतरस बुतरस ग़ाली, दोनों ही अफ़्रीका से थे और इस बार एशिया महाद्वीप से महासचिव का चुनाव होना है.

थरूर के अतिरिक्त तीन और नाम भी एशिया के अन्य देशों से सुझाए गए हैं. इनमें श्रीलंका से जयंत धनपाल, थाइलैंड से उप प्रधानमंत्री साथिरथाई और दक्षिण कोरिया के विदेशमंत्री बान किमून का नाम प्रस्तावित है.

विशेषज्ञ मानते हैं कि शशि थरूर का लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र से जुड़ा होना उनके पक्ष में जा सकता है पर उन्हें सुरक्षा परिषद के पाँचों सदस्य देशों का समर्थन सबसे अहम बात होगी.

ग़ौरतलब है कि शशि थरूर वर्ष 1978 से इस अंतरराष्ट्रीय संस्था से जुड़े हुए हैं.