भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिवंगत महासचिव प्रमोद महाजन के पुत्र राहुल महाजन ने इस बात से साफ़ इनकार किया है कि उन्होंने तबीयत ख़राब होने से पहले मादक पदार्थों का सेवन किया था.
राहुल ने ज़मानत पर रिहा होने के बाद गुरूवार को पहली बार आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने किसी क़ानून का उल्लंघन नहीं किया है और न ही कोई अनैतिक काम किया है.
उल्लेखनीय है कि एक जून की देर रात को एक पार्टी में तबीयत बिगड़ने पर राहुल और प्रमोद महाजन के कई वर्षों से निजी सचिव रहे विवेक मैत्रा को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था जहाँ डॉक्टरों ने मैत्रा को मृत घोषित कर दिया और राहुल कई दिनों को इलाज के बाद ठीक हुए.
चिकित्सा जाँच के मुताबिक दोनों ने पार्टी के दौरान मादक पदार्थों का सेवन किया था जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने महाजन के ख़िलाफ़ मादक पदार्थ निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज़ कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया था.
राहुल की सफाई
राहुल ने पत्रकारों के सामने एक लिखित बयान पढ़ते हुए कहा, "मुझे नशीली दवाइयों के सेवन की लत नहीं है. मैं कभी भी इसका सेवन नहीं करता."
उन्होंने कहा कि इसके बावज़ूद घर पर दावत के दौरान जो कुछ भी हुआ उसके लिए उन्हें खेद है.
राहुल ने कहा कि एक ही रात में उन्होंने अपना एक मित्र खो दिया और उस घटना के कारण उन्हें जेल तक जाना पड़ा.
प्रमोद महाजन की मई में ही उनके घर में गोली लगने से मौत हो गई थी. पुलिस ने प्रमोद महाजन को गोली मारने के आरोप में उनके छोटे भाई प्रवीण महाजन को गिरफ़्तार किया हुआ है.