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बुधवार, 14 जून, 2006 को 02:43 GMT तक के समाचार

एजाज़ मेहर
इस्लामाबाद

पाकिस्तान में गधों की संख्या बढ़ी

ये कोई मज़ाक नहीं, गंभीर आँकड़े हैं जो पाकिस्तान सरकार ने जारी किए हैं. वहाँ घोड़ों और ऊँटों की संख्या नहीं बढ़ रही है लेकिन गधे बढ़ गए हैं.

और थोड़े बहुत नहीं. पिछले एक साल में पाकिस्तान में एक लाख गधे बढ़ गए हैं.

पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार पिछले एक साल में देश में गधों की संख्या में वृद्धि हुई है जबकि ऊंट, घोड़ों और ख़च्चरों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई है.

हाल ही में जारी किए जाने वाले आर्थिक सर्वेक्षण में माल मवेशियों के विभाग की चर्चा करते हुए सरकारी आंकड़ों में बताया गया है कि पिछले वित्तीय वर्ष में देश भर में गधों की संख्या 42 लाख थी जो कि चालू वित्तीय वर्ष में बढ़कर 43 लाख हो चुकी है.

कृषि और खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष देश भर में सात लाख ऊंट, तीन लाख घोड़े और तीन लाख ख़च्चर थे और उनकी संख्या इस वित्तीय वर्ष में भी उतनी ही है.

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश भर में मवेशी पालने का शौक़ बढ़ रहा है और भैंस, बकरियों, भेड़ों की संख्या में भी पिछले साल के मुक़ाबले वृद्धि देखी गई है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में भैंसों की संख्या 21 लाख बढ़ गई है, बकरियों की तादाद में 53 लाख और भेड़ों की संख्या में छह लाख की बढ़ौतरी रिकार्ड की गई है.

सरकार का कहना है कि माल मवेशियों के विभाग को पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था में काफ़ी महत्व हासिल है और घरेलू सकल उत्पादन यानी जीडीपी में इस विभाग की 11 प्रतिशत की भागीदारी है.

आर्थिक रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ो के अनुसार साढ़े पंद्रह करोड़ से अधिक आबादी वाले देश में तीन से साढ़े तीन करोड़ ग्रामीणों का रोज़गार माल मवेशी पालना है.

सरकार के अनुसार कई दशक से अनदेखी किए जाने के बावजूद भी पाकिस्तान दूध पैदा करने वाला दुनिया का पाँचवां बड़ा देश है और दूध की पैदावार से होने वाली आय कपास और गेहूँ की पैदावार से होने वाली आमदनी से ज़्यादा है.