बुधवार, 14 जून, 2006 को 14:34 GMT तक के समाचार
मध्य प्रदेश के बच्चे अब 'ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार', 'बा बा ब्लैक शीप' और 'हम्पटी डम्पटी' नहीं गुनगुना पाएँगे क्योंकि सरकार ने इस तरह की अंग्रेज़ी नर्सरी पोएम्स पर प्रतिबंध लगा दिया है.
मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री नरोत्तम मिश्रा का मानना है कि इस तरह की अंग्रेज़ी कविताओं के बजाय देशी कविताएँ पढ़ने से विद्यार्थियों में देश प्रेम की भावना पनपेगी.
इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सभी स्कूलों को अहिल्या बाई और गोंड जनजाति से जुड़ी कहानियाँ पढ़ाने को कहा है.
अहिल्या बाई ने 20 वीं सदी में इंदौर का राजपाट संभाला था. उन्होंने अपने शासनकाल में देश भर में कई मंदिरों का निर्माण और पुराने मंदिरों की मरम्मत करवाई जिनमें बनारस का काशी विश्वनाथ और गया का विष्णुपद मंदिर शामिल है.
इसी तर गोंड जनजाति के पूर्वज एक समय मध्य भारत के बड़े हिस्से पर शासन करते थे.
असंतोष
राज्य सरकार के इस फ़ैसले से माता-पिता भी सहमत हों, ऐसा नहीं है. रश्मि पांडे कहती हैं, "मेरा तीन साल का बेटा बड़े प्यार से पारंपरिक अंग्रेज़ी कविताएँ पढ़ता है. कविताओं के विदेशी मूल का होने से उसे कभी असहजता महसूस नहीं हुई."
उनके पति ऋषि पांडे कहते हैं, "सभी चीज़ों को देशी और विदेशी, हमारा और पराया के रूप में देखना ठीक नहीं है."
राज्य सरकार का शिक्षा विभाग अभी स्कूली पाठ्यक्रम की समीक्षा कर रहा है और ताज़ा फ़ैसला इसी का एक हिस्सा है.
स्कूली शिक्षा निदेशक शकुंतला श्रीवास्तव ने बताया कि पहली, चौथी और सातवीं जमात के पाठ्यक्रम की समीक्षा हो रही है जिसे नए सत्र में लागू किया जाएगा.
उम्मीद
बा बा ब्लैकशीप कविता पर वर्ष 2000 में ब्रिटेन की बर्मिंघम सिटी काउंसिल का सुझाव आया था कि इससे नस्लभेद की बू आती है लेकिन ख़ुद काले समुदाय ने सुझाव को ठुकरा दिया था.
मध्य प्रदेश के अभिभावकों, शिक्षकों और बच्चों को भी उम्मीद है कि इस तरह का प्रतिबंध लंबे समय तक नहीं रहेगा.
स्कूली शिक्षिका रेणु मानती हैं, "ये सबसे सुंदर कविताएँ हैं जिन्हें बच्चे सोते-उठते गुनगुनाना पसंद करते हैं."
हालाँकि यह फ़ैसला सिर्फ़ सरकारी स्कूलों पर लागू होगा और निजी स्कूल इससे अलग होंगे.
ग़ौरतलब है कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार कॉलेजों में फैशन शो के आयोजन को 2005 में प्रतिबंधित कर चुकी है.