बुधवार, 14 जून, 2006 को 13:10 GMT तक के समाचार
दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के बेटे राहुल महाजन की ज़मानत अर्ज़ी मंज़ूर करते हुए उन्हें ज़मानत दे दी है.
उन पर नशीली दवा अपने पास रखने और सेवन करने का आरोप है.
राहुल महाजन की ज़मानत अर्ज़ी पर मंगलवार को एक विशेष अदालत में सुनवाई हुई जिसमें अभियोजन पक्ष ने ज़मानत दिए जाने का विरोध करते हुए कहा था कि उनके ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत हैं.
अदालत ने बुधवार को उनकी ज़मानत अर्ज़ी मंज़ूर करते हुए उन्हें दो लाख रुपए के मुचलके पर ज़मानत दे दी.
विशेष अदालत ने राहुल महाजन को यह भी आदेश दिया है कि जब तक उनके ख़िलाफ़ आरोप निर्धारित नहीं हो जाते हैं तब तक वे न्यायालय की इजाज़त के बिना दिल्ली से बाहर न जाएँ.
न्यायाधीश स्वर्णकांता ने उन्हें यह भी हिदायत दी कि वे सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करें.
न्यायाधीश ने कहा कि राहुल महाजन अपना पासपोर्ट न्यायालय को सौंप दें और उसकी इजाज़त के बिना देश छोड़कर भी ना जाएँ.
ज़मानत मंज़ूर करते हुए न्यायाधीश ने कहा, "मेरा ख़याल है कि राहुल एक सभ्य परिवार से संबंधित हैं और शिक्षित युवक हैं और पुलिस के लगाए आरोपों के अलावा उनका चरित्र भी साफ़-सुथरा है."
उल्लेखनीय है कि राहुल महाजन को पहली जून की रात को गंभीर हालत में दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती करवाया गया था.
पुलिस का कहना है कि राहुल और प्रमोद महाजन के सचिव रहे विवेक मैत्रा ने नशीली दवा का सेवन किया था जिसके बाद दोनों की तबियत बिगड़ गई थी.
विवेक मैत्रा की तो अस्पताल पहुँचने से पहले मौत हो चुकी थी.
राहुल महाजन की जाँच रिपोर्ट को लेकर भी बहुत विवाद रहा. पहले तो अस्पताल ने जाँच में नशीली दवा न होने का दावा किया था लेकिन बाद में अस्पताल ने अपना बयान बदल लिया.
पुलिस ने इस मामले में साहिल ज़रु और एक नाईजीरियाई नागरिक अब्दुल्ला सहित कई लोगों को गिरफ़्तार किया है.
पुलिस का कहना है कि साहिल ज़रु ने कथित तौर पर नशीली दवा राहुल महाजन तक पहुँचाई थी और साहिल ने ये दवा नाईजीरियाई नागरिक से ख़रीदी थी.